मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों की सहूलियत बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा प्रसाद के निर्देश पर सदर अस्पताल के नवनिर्मित भवन के भूतल पर महिलाओं और वरीय नागरिकों के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल से खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल आने वाले मरीजों को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़े, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जाएगा। सदर अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नए रजिस्ट्रेशन काउंटर पर महिलाओं और वरीय नागरिकों के बैठने के लिए कुर्सियों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें खड़े होकर इंतजार न करना पड़े। साथ ही, व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक महिला गार्ड की प्रतिनियुक्ति भी की जाएगी। महिलाओं और बुजुर्गों को जल्दी सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश रजिस्ट्रेशन कर्मियों को विशेष निर्देश दिए जाएंगे कि वे महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और उन्हें शीघ्र सेवा उपलब्ध कराएं। बुधवार से महिलाओं और वरीय नागरिकों के लिए यह विशेष रजिस्ट्रेशन काउंटर सदर अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शुरू हो जाएगा। इसे लेकर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार सिंह और स्वास्थ्य प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने भवन का निरीक्षण भी किया। उपाधीक्षक ने बताया कि नए सिविल सर्जन के निर्देशानुसार इस काउंटर का निर्माण किया गया है, जो बुधवार यानी आज से पूरी तरह कार्यरत हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले मरीजों को मिलेगी राहत अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से पुराने काउंटरों पर भीड़ का दबाव कम होगा और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब तक बुजुर्गों और महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन नई व्यवस्था से समय की बचत होगी और इलाज की प्रक्रिया आसान होगी। बताते चलने की सदर अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इतनी संख्या में मरीजों के लिए सदर अस्पताल में मात्र दो ही रजिस्ट्रेशन काउंटर है। जिसके कारण मरीज को परेशानी होती है। महिला और बुजुर्गों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जाने से महिलाओं और बुजुर्गों को तो सुविधा होगी ही साथ ही पूर्व से चल रहे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ कम होगी। माइनर ओटी को वार्ड नंबर-29 में शिफ्ट करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि वर्तमान में इमरजेंसी वार्ड में संचालित माइनर ओटी को वार्ड नंबर-29 में स्थानांतरित करने की योजना है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों के कक्ष भी वार्ड नंबर-29 के आसपास शिफ्ट किए जाएंगे, ताकि इमरजेंसी मरीजों के इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो। गौरतलब है कि करीब 6 महीने पहले भी माइनर ओटी को वार्ड नंबर-29 में शिफ्ट किया गया था, लेकिन डॉक्टर कक्ष दूर होने के कारण पहले ही दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इमरजेंसी मरीज वार्ड-29 में पहुंचकर इलाज की मांग करते थे, जबकि डॉक्टर कक्ष दूर होने से समन्वय में दिक्कत आ रही थी। विवाद बढ़ने पर माइनर ओटी को पुनः पुराने स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था। अब विभाग की ओर से माइनर ओटी और डॉक्टर कक्ष दोनों को एक ही परिसर में रखने की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो। मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित औरंगाबाद सदर अस्पताल में मरीजों की सहूलियत बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा प्रसाद के निर्देश पर सदर अस्पताल के नवनिर्मित भवन के भूतल पर महिलाओं और वरीय नागरिकों के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल से खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल आने वाले मरीजों को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़े, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जाएगा। सदर अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नए रजिस्ट्रेशन काउंटर पर महिलाओं और वरीय नागरिकों के बैठने के लिए कुर्सियों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें खड़े होकर इंतजार न करना पड़े। साथ ही, व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक महिला गार्ड की प्रतिनियुक्ति भी की जाएगी। महिलाओं और बुजुर्गों को जल्दी सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश रजिस्ट्रेशन कर्मियों को विशेष निर्देश दिए जाएंगे कि वे महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और उन्हें शीघ्र सेवा उपलब्ध कराएं। बुधवार से महिलाओं और वरीय नागरिकों के लिए यह विशेष रजिस्ट्रेशन काउंटर सदर अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शुरू हो जाएगा। इसे लेकर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार सिंह और स्वास्थ्य प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने भवन का निरीक्षण भी किया। उपाधीक्षक ने बताया कि नए सिविल सर्जन के निर्देशानुसार इस काउंटर का निर्माण किया गया है, जो बुधवार यानी आज से पूरी तरह कार्यरत हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले मरीजों को मिलेगी राहत अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से पुराने काउंटरों पर भीड़ का दबाव कम होगा और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब तक बुजुर्गों और महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन नई व्यवस्था से समय की बचत होगी और इलाज की प्रक्रिया आसान होगी। बताते चलने की सदर अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इतनी संख्या में मरीजों के लिए सदर अस्पताल में मात्र दो ही रजिस्ट्रेशन काउंटर है। जिसके कारण मरीज को परेशानी होती है। महिला और बुजुर्गों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जाने से महिलाओं और बुजुर्गों को तो सुविधा होगी ही साथ ही पूर्व से चल रहे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ कम होगी। माइनर ओटी को वार्ड नंबर-29 में शिफ्ट करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि वर्तमान में इमरजेंसी वार्ड में संचालित माइनर ओटी को वार्ड नंबर-29 में स्थानांतरित करने की योजना है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों के कक्ष भी वार्ड नंबर-29 के आसपास शिफ्ट किए जाएंगे, ताकि इमरजेंसी मरीजों के इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो। गौरतलब है कि करीब 6 महीने पहले भी माइनर ओटी को वार्ड नंबर-29 में शिफ्ट किया गया था, लेकिन डॉक्टर कक्ष दूर होने के कारण पहले ही दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इमरजेंसी मरीज वार्ड-29 में पहुंचकर इलाज की मांग करते थे, जबकि डॉक्टर कक्ष दूर होने से समन्वय में दिक्कत आ रही थी। विवाद बढ़ने पर माइनर ओटी को पुनः पुराने स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था। अब विभाग की ओर से माइनर ओटी और डॉक्टर कक्ष दोनों को एक ही परिसर में रखने की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो।


