BPSC TRE 3.0 पेपर लीक:पटना में मास्टरमाइंड का सहयोगी विपुल शर्मा गिरफ्तार, अब तक 290 आरोपी धराए; 3 राज्यों में फैला था गिरोह

BPSC TRE 3.0 पेपर लीक:पटना में मास्टरमाइंड का सहयोगी विपुल शर्मा गिरफ्तार, अब तक 290 आरोपी धराए; 3 राज्यों में फैला था गिरोह

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 3.0 के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी सफलता मिली है। EOU ने इस कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य और वांटेड आरोपी विपुल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को पटना के गोला रोड स्थित लाल भवन से आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है। विपुल शर्मा मूल रूप से औरंगाबाद के दाउदनगर का रहने वाला है और आर्थिक अपराध इकाई को डेढ़ साल से उसकी तलाश थी। बिहार, झारखंड और हरियाणा तक फैला गिरोह आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया, ‘यह गिरोह केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क बिहार, झारखंड और हरियाणा तक फैला हुआ था। गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। डीआईजी के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 से 15 हजार रुपए लिए जाते थे।’ पेपर लीक की साजिश रचने में था शामिल EOU की जांच में सामने आया है कि विपुल शर्मा ने हरियाणा में STET परीक्षा से लेकर बिहार में BPSC TRE 3.0 तक पेपर लीक की साजिश रचने में संजीव मुखिया की मदद की थी। वह विभिन्न राज्यों में संपर्क साधकर प्रश्नपत्र लीक कराने और उम्मीदवारों तक पहुंचाने की अहम कड़ी था। विपुल शर्मा की गिरफ्तारी से EOU को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है। पेपर लीक मामले में अब तक कुल 290 गिरफ्तार आर्थिक अपराध इकाई ने खुलासा किया है कि इस पेपर लीक मामले में अब तक कुल 290 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े 10 अन्य शातिरों की तलाश अभी भी जारी है। डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लगातार छापेमारी की जा रही है। 10 आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को लगाया गया है। SOG की टीमें अलग-अलग जिलों और राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं। EOU का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 3.0 के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी सफलता मिली है। EOU ने इस कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य और वांटेड आरोपी विपुल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को पटना के गोला रोड स्थित लाल भवन से आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है। विपुल शर्मा मूल रूप से औरंगाबाद के दाउदनगर का रहने वाला है और आर्थिक अपराध इकाई को डेढ़ साल से उसकी तलाश थी। बिहार, झारखंड और हरियाणा तक फैला गिरोह आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया, ‘यह गिरोह केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क बिहार, झारखंड और हरियाणा तक फैला हुआ था। गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। डीआईजी के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 से 15 हजार रुपए लिए जाते थे।’ पेपर लीक की साजिश रचने में था शामिल EOU की जांच में सामने आया है कि विपुल शर्मा ने हरियाणा में STET परीक्षा से लेकर बिहार में BPSC TRE 3.0 तक पेपर लीक की साजिश रचने में संजीव मुखिया की मदद की थी। वह विभिन्न राज्यों में संपर्क साधकर प्रश्नपत्र लीक कराने और उम्मीदवारों तक पहुंचाने की अहम कड़ी था। विपुल शर्मा की गिरफ्तारी से EOU को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है। पेपर लीक मामले में अब तक कुल 290 गिरफ्तार आर्थिक अपराध इकाई ने खुलासा किया है कि इस पेपर लीक मामले में अब तक कुल 290 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े 10 अन्य शातिरों की तलाश अभी भी जारी है। डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लगातार छापेमारी की जा रही है। 10 आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को लगाया गया है। SOG की टीमें अलग-अलग जिलों और राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं। EOU का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।  

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