मुस्लिम संग शादी के 7 दिन बाद लौटी लड़की:कोर्ट ने माता-पिता को सौंपा, मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न

मुस्लिम संग शादी के 7 दिन बाद लौटी लड़की:कोर्ट ने माता-पिता को सौंपा, मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न

मुंगेर के सफियाबाद थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय मंशा मुस्लिम युवक नियाजुल ​​​​​से शादी करने के एक सप्ताह बाद अपने माता-पिता के पास लौट आई है। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद युवती ने अपने परिजनों के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद न्यायालय ने उसे माता-पिता को सौंप दिया। इसके बाद उसे जिला मुख्यालय स्थित बड़ा महावीर मंदिर ले जाया गया, जहां उसका शुद्धिकरण संस्कार कराया गया। इस दौरान युवती को स्नान कराकर गंगाजल से शुद्ध किया गया। मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने शंख जल और मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न कराया। इसके बाद युवती ने भगवान महावीर के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की, प्रसाद चढ़ाया और हनुमान पाठ व सुंदरकांड का पाठ किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री प्राण नाथ भारत, दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्य और युवती के परिजन मौजूद थे। शुद्धिकरण संस्कार के बाद युवती को उसके घर ले जाया गया। हिन्दू रीति रिवाज से की थी शादी मंशा ने कहा कि हमारी शादी हिन्दू रीति रिवाज से हुई थी। हमलोगों ने मुंगेर में कोर्ट मैरिज करने के बाद दिल्ली में हिन्दू रीति रिवाज से शादी की थी। वहीं जब माता पिता से जब फोन पर बातचीत हुई तभी माता -पिता को देख मन में आया कि मुझे उनके पास जाना है। इसके बाद मैं वापस अपने घर आई। वहीं युवती ने अन्य लड़कियों से अपील करते हुए कहा कि अपने धर्म में शादी करना ही अच्छा होता है। इस लिए दूसरे धर्म को नहीं अपनाना चाहिए। 30 दिसंबर को दिल्ली में की थी शादी बता दें कि 30 दिसंबर को घर से भागकर लड़की ने दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में नियाजुल से अपनी मर्जी से शादी की थी। इसकी जानकारी उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दिया था। वीडियो में लड़की बोल रही थी कि मुझे कोई जबरदस्ती नहीं लाया है। मैं खुद नियाजुल के साथ घर से भागी थी। मैं पुलिस प्रशासन से अपील करती हूं कि मुझे और उनके परिवार को परेशान ना किया जाए। लड़की ने वीडियो में नियाजुल का चेहरा भी दिखाया और बताया कि वे दोनों ने गवाहों की मौजूदगी में शादी की है। पिता ने 7 लोगों के खिलाफ दिया था आवेदन घटना के बाद युवती के परिजनों ने सफियाबाद थाने में सात लोगों के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था। घटना के छठे दिन युवती लड़के के परिजनों के साथ सफियाबाद थाने पहुंची। पुलिस पूछताछ और सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे मुंगेर न्यायालय में बयान के लिए प्रस्तुत किया गया। न्यायाधीश के समक्ष युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद कोर्ट ने युवती को उसके माता-पिता और परिवार को सुपुर्द कर दिया। पुलिस के दबाव बनाने के बाद आई लड़की इस मौके पर उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री प्राण नाथ भारत ने बताया कि बीते 29 दिसंबर को हिन्दू समाज की एक लड़की मुस्लिम संप्रदाय के साथ चली गई। जब संगठन को इस बात की जानकारी हुई तभी हमलोग लड़की के परिवार वालों से संपर्क किए । पहले थाने में केस फाइल नहीं किया जा रहा था। लेकिन जब हमलोग परिवार के साथ हुए तब थाना में केस लिया गया। इसके बाद पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई में जुट गई, जिसका परिणाम हुआ कि प्रेशर-दबाव बनाने पर मंगलवार को लड़की वापस आ गई। लड़का की तलाश कर कार्रवाई करने की मांग उन्होंने कहा कि इस घटना में समाज के लोग, पुलिस के साथ सभी लोगों का सहयोग रहा। वहीं उन्होंने एक अपील करते हुए कहा कि हिन्दू महिलाएं भटकाव में नहीं आएं अपने धर्म में ही शादी करें। उन्होंने कहा कि आरोपी लड़का अबतक फरार है। जिसपर पुलिस जल्द कार्रवाई करे। मां ने बेटी को सपना समझकर भूल जाने को कहा लड़की की मां ने कहा कि हमारी लड़की ने अपने स्वेक्षा से कहा कि वह अपने-माता पिता के साथ रहना चाहती है। इसके बाद न्यायालय के द्वारा हमलोगों के पास सुपुर्द किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना में सभी लोगों का काफी सहयोग रहा। हमारी बेटी हमारे साथ है इससे हम बहुत खुश हैं। मंदिर में पूजा पाठ कराया गया उसके बाद हमलोग बेटी को घर लेकर गए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी लोग हमारे बेटी को प्रताड़ित नहीं करें। वहीं बेटी से उन्होंने कहा कि घटना को एक सपना समझकर उसे भूल जाय। मुंगेर के सफियाबाद थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय मंशा मुस्लिम युवक नियाजुल ​​​​​से शादी करने के एक सप्ताह बाद अपने माता-पिता के पास लौट आई है। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद युवती ने अपने परिजनों के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद न्यायालय ने उसे माता-पिता को सौंप दिया। इसके बाद उसे जिला मुख्यालय स्थित बड़ा महावीर मंदिर ले जाया गया, जहां उसका शुद्धिकरण संस्कार कराया गया। इस दौरान युवती को स्नान कराकर गंगाजल से शुद्ध किया गया। मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने शंख जल और मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण संस्कार संपन्न कराया। इसके बाद युवती ने भगवान महावीर के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की, प्रसाद चढ़ाया और हनुमान पाठ व सुंदरकांड का पाठ किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री प्राण नाथ भारत, दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्य और युवती के परिजन मौजूद थे। शुद्धिकरण संस्कार के बाद युवती को उसके घर ले जाया गया। हिन्दू रीति रिवाज से की थी शादी मंशा ने कहा कि हमारी शादी हिन्दू रीति रिवाज से हुई थी। हमलोगों ने मुंगेर में कोर्ट मैरिज करने के बाद दिल्ली में हिन्दू रीति रिवाज से शादी की थी। वहीं जब माता पिता से जब फोन पर बातचीत हुई तभी माता -पिता को देख मन में आया कि मुझे उनके पास जाना है। इसके बाद मैं वापस अपने घर आई। वहीं युवती ने अन्य लड़कियों से अपील करते हुए कहा कि अपने धर्म में शादी करना ही अच्छा होता है। इस लिए दूसरे धर्म को नहीं अपनाना चाहिए। 30 दिसंबर को दिल्ली में की थी शादी बता दें कि 30 दिसंबर को घर से भागकर लड़की ने दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में नियाजुल से अपनी मर्जी से शादी की थी। इसकी जानकारी उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दिया था। वीडियो में लड़की बोल रही थी कि मुझे कोई जबरदस्ती नहीं लाया है। मैं खुद नियाजुल के साथ घर से भागी थी। मैं पुलिस प्रशासन से अपील करती हूं कि मुझे और उनके परिवार को परेशान ना किया जाए। लड़की ने वीडियो में नियाजुल का चेहरा भी दिखाया और बताया कि वे दोनों ने गवाहों की मौजूदगी में शादी की है। पिता ने 7 लोगों के खिलाफ दिया था आवेदन घटना के बाद युवती के परिजनों ने सफियाबाद थाने में सात लोगों के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था। घटना के छठे दिन युवती लड़के के परिजनों के साथ सफियाबाद थाने पहुंची। पुलिस पूछताछ और सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे मुंगेर न्यायालय में बयान के लिए प्रस्तुत किया गया। न्यायाधीश के समक्ष युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद कोर्ट ने युवती को उसके माता-पिता और परिवार को सुपुर्द कर दिया। पुलिस के दबाव बनाने के बाद आई लड़की इस मौके पर उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री प्राण नाथ भारत ने बताया कि बीते 29 दिसंबर को हिन्दू समाज की एक लड़की मुस्लिम संप्रदाय के साथ चली गई। जब संगठन को इस बात की जानकारी हुई तभी हमलोग लड़की के परिवार वालों से संपर्क किए । पहले थाने में केस फाइल नहीं किया जा रहा था। लेकिन जब हमलोग परिवार के साथ हुए तब थाना में केस लिया गया। इसके बाद पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई में जुट गई, जिसका परिणाम हुआ कि प्रेशर-दबाव बनाने पर मंगलवार को लड़की वापस आ गई। लड़का की तलाश कर कार्रवाई करने की मांग उन्होंने कहा कि इस घटना में समाज के लोग, पुलिस के साथ सभी लोगों का सहयोग रहा। वहीं उन्होंने एक अपील करते हुए कहा कि हिन्दू महिलाएं भटकाव में नहीं आएं अपने धर्म में ही शादी करें। उन्होंने कहा कि आरोपी लड़का अबतक फरार है। जिसपर पुलिस जल्द कार्रवाई करे। मां ने बेटी को सपना समझकर भूल जाने को कहा लड़की की मां ने कहा कि हमारी लड़की ने अपने स्वेक्षा से कहा कि वह अपने-माता पिता के साथ रहना चाहती है। इसके बाद न्यायालय के द्वारा हमलोगों के पास सुपुर्द किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना में सभी लोगों का काफी सहयोग रहा। हमारी बेटी हमारे साथ है इससे हम बहुत खुश हैं। मंदिर में पूजा पाठ कराया गया उसके बाद हमलोग बेटी को घर लेकर गए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी लोग हमारे बेटी को प्रताड़ित नहीं करें। वहीं बेटी से उन्होंने कहा कि घटना को एक सपना समझकर उसे भूल जाय।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *