सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार अचानक बंद:टिनशेड लगाकर रोका रास्ता; वैकल्पिक मार्ग से यात्री परेशान

सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार अचानक बंद:टिनशेड लगाकर रोका रास्ता; वैकल्पिक मार्ग से यात्री परेशान

सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। कार्यदायी संस्था ने स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार अचानक बंद कर दिया है। इस मार्ग को टिनशेड और बल्लियां लगाकर अवरुद्ध कर दिया गया। यात्रियों के लिए अब एनआरएमयू संघ भवन के बगल से रेलवे कॉलोनी के पीछे एक वैकल्पिक मार्ग खोला गया है। नए वैकल्पिक मार्ग से यात्रियों को लगभग 300 मीटर की क्षतिग्रस्त और असुविधाजनक दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, जीआरपी और आरपीएफ थाने के सामने भी जेसीबी लगाकर रास्ते को खोद दिया गया, जिससे आवागमन और जटिल हो गया है।उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (NRMU) के शाखा अध्यक्ष आसिम सज्जाद ने इस अचानक उठाए गए कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य पिछले डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन मुख्य द्वार को बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया है। सज्जाद के अनुसार, वैकल्पिक मार्ग रेलवे कॉलोनी के पीछे से ‘खड़ंजा’ (ईंटों का रास्ता) होकर गुजरता है, जिसकी स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि इस रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल है, ऐसे में बाइक और अन्य वाहनों का गुजरना यात्रियों के लिए और भी कठिन हो गया है, जिससे उन्हें भारी असुविधा हो रही है।आसिम सज्जाद ने यह भी जानकारी दी कि इसी वैकल्पिक मार्ग पर एनआरएमयू, नॉर्दर्न रेलवेज यूनियन और ओबीसी एसोसिएशन के कार्यालय स्थित हैं। कर्मचारी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इन्हीं कार्यालयों में आते हैं, और रास्ता बंद होने से अब उन्हें यहां तक पहुंचने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।उन्होंने बताया कि आरक्षण केंद्र के बगल में नए कार्यालय बनाने का आदेश पहले ही दिया जा चुका और उस पर काम चल रहा है, लेकिन वह अभी निर्माणाधीन है। सज्जाद ने प्रशासन से अपील की कि 15 फरवरी तक चल रहे माघ मेले के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ होगी, ऐसे में उन्हें टिकट लेने और स्टेशन तक पहुंचने में और भी कठिनाई होगी। उन्होंने वर्तमान वैकल्पिक मार्ग को किसी भी कीमत पर उचित नहीं बताया।

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