कड़ाके की ठंड से कांपा बैतूल, पारा लुढकक़र 7.5 डिग्री पर पहुंचा

कड़ाके की ठंड से कांपा बैतूल, पारा लुढकक़र 7.5 डिग्री पर पहुंचा

-सीजन की सबसे सर्द रात, शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन किया प्रभावित

बैतूल। जिले में ठंड अब अपने तीखे तेवर दिखाने लगी है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने बैतूल में शीतलहर का असर बढ़ा दिया है। सोमवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान गिरकर 7.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में लगातार दूसरे दिन 1.7 डिग्री की गिरावट दर्ज होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढऩे की संभावना जताई है। इससे पहले न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री तक ही पहुंचा था, लेकिन पहली बार पारा 7.5 डिग्री पर आने से कड़ाके की ठंड का अहसास तेज हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवाओं का रुख अचानक उत्तर दिशा की ओर से बदल गया है। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब जिले के मौसम पर पड़ रहा है, जिससे रात के समय शीतलहर चल रही है।
कुछ दिन पहले तक लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से ठंड ने जोर पकड़ लिया है। हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। दिन में भी ठंड का असर बना हुआ है और गर्म कपड़ों के बिना बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शाम ढलते ही ठंड का असर और बढ़ जाता है। ठंड के साथ-साथ कोहरे का असर रेल यातायात पर भी साफ नजर आ रहा है। भोपाल से नागपुर जाने वाली दक्षिण एक्सप्रेस सोमवार रात 1.40 बजे बैतूल पहुंचने वाली थी, लेकिन घने कोहरे के कारण ट्रेन सुबह करीब 7 बजे पहुंची। करीब 5 घंटे की देरी से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा गंगा-कावेरी एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस 4 घंटे और मिलेनियम एक्सप्रेस करीब 2 घंटे देरी से चली। दिल्ली और उत्तर भारत के क्षेत्रों में घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थमी हुई है। हालांकि सोमवार सुबह बैतूल क्षेत्र में कोहरे से कुछ हद तक राहत देखने को मिली।

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