रजौन में शिक्षकों को समावेशी शिक्षा का प्रशिक्षण:45 स्कूलों के टीचरों को मिली ट्रेनिंग, दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

रजौन बीआरसी परिसर में 15 दिसंबर से समावेशी शिक्षा के तहत नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। मंगलवार को इस प्रशिक्षण के चौथे बैच की शुरुआत हुई, जिसमें प्रखंड के 45 प्रारंभिक विद्यालयों से एक-एक नामित नोडल शिक्षक शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण का संचालन प्रखंड साधन शिक्षक विनय प्रसाद और प्राथमिक विद्यालय मकरौंधा के बीपीएससी से चयनित प्रधान शिक्षक श्याम सुंदर ठाकुर कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की पहचान करने, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण विधियां अपनाने, संसाधनों का उपयोग करने और विद्यालय स्तर पर सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण की निगरानी बीईओ सोयम चक्रपाणि कनिष्क और बीआरसी लेखा सहायक मोहम्मद कमरेज आलम द्वारा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के नामित शिक्षकों को 15 दिसंबर से 7 जनवरी 2026 तक विभिन्न बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण 15 से 17 जनवरी के बीच पांच अलग-अलग बैचों में होगा। प्रत्येक बैच में 45 शिक्षक भाग ले रहे हैं। इससे पहले, प्रथम बैच 15 से 17 दिसंबर, दूसरा बैच 18 से 20 दिसंबर और तीसरा बैच 22 से 24 दिसंबर तक संपन्न हो चुका है। चौथे बैच के प्रशिक्षण के शुभारंभ से पूर्व, बीआरसी प्रशिक्षण हॉल में उपस्थित शिक्षकों ने बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संरक्षक बृजनंदन शर्मा के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। रजौन बीआरसी परिसर में 15 दिसंबर से समावेशी शिक्षा के तहत नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। मंगलवार को इस प्रशिक्षण के चौथे बैच की शुरुआत हुई, जिसमें प्रखंड के 45 प्रारंभिक विद्यालयों से एक-एक नामित नोडल शिक्षक शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण का संचालन प्रखंड साधन शिक्षक विनय प्रसाद और प्राथमिक विद्यालय मकरौंधा के बीपीएससी से चयनित प्रधान शिक्षक श्याम सुंदर ठाकुर कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की पहचान करने, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण विधियां अपनाने, संसाधनों का उपयोग करने और विद्यालय स्तर पर सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण की निगरानी बीईओ सोयम चक्रपाणि कनिष्क और बीआरसी लेखा सहायक मोहम्मद कमरेज आलम द्वारा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के नामित शिक्षकों को 15 दिसंबर से 7 जनवरी 2026 तक विभिन्न बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण 15 से 17 जनवरी के बीच पांच अलग-अलग बैचों में होगा। प्रत्येक बैच में 45 शिक्षक भाग ले रहे हैं। इससे पहले, प्रथम बैच 15 से 17 दिसंबर, दूसरा बैच 18 से 20 दिसंबर और तीसरा बैच 22 से 24 दिसंबर तक संपन्न हो चुका है। चौथे बैच के प्रशिक्षण के शुभारंभ से पूर्व, बीआरसी प्रशिक्षण हॉल में उपस्थित शिक्षकों ने बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संरक्षक बृजनंदन शर्मा के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।  

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