Alok Raj Resignation: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और सीनियर IPS अधिकारी आलोक राज ने ज्वाइन करने के सिर्फ दो दिन बाद ही बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। रिटायरमेंट के तुरंत बाद उन्हें यह अहम पद दिया गया था, लेकिन इस पद से उनके अचानक हटने से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
दो दिन में इस्तीफा क्यों दिया?
पूर्व DGP आलोक राज ने निजी कारणों का हवाला देते हुए बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को अपना इस्तीफा सौंपा। एक टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने इसकी पुष्टि की और कहा कि कोई खास विवाद नहीं था, बल्कि कुछ निजी कारण थे जिनकी वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
नियुक्ति 31 दिसंबर को हुई थी
गौरतलब है कि आलोक राज को 31 दिसंबर को बिहार कर्मचारी चयन आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था और उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार ग्रहण किया था। राज्य सरकार ने DGP पद से रिटायरमेंट के ठीक अगले दिन उन्हें BSSC का चेयरमैन बनाया था। सामान्य प्रशासन विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, उन्हें अगले पांच साल या 65 साल की उम्र तक इस पद पर रहना था। इसलिए, दो दिन के अंदर उनका इस्तीफा देना असामान्य माना जा रहा है।
सरकार के लिए यह फैसला क्यों अहम था?
बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य में विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है। हाल के सालों में, आयोग की परीक्षाओं में पेपर लीक, रद्द होने और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं रही हैं। इसलिए, आलोक राज जैसे सख्त और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को सरकार का एक अहम और भरोसेमंद कदम माना जा रहा था।
आलोक राज का लंबा और शानदार करियर
1989 बैच के IPS अधिकारी आलोक राज बिहार में अपने तेज और निर्णायक फैसलों के लिए जाने जाते हैं। मूल रूप से मुजफ्फरपुर के रहने वाले आलोक राज ने पटना यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी में MSc किया है और वह गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पटना में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के तौर पर की थी।
बिहार के अलावा, उन्होंने झारखंड और पश्चिम बंगाल की पुलिस फोर्स में भी काम किया है। उन्होंने झारखंड के रांची, देवघर, गुमला और हजारीबाग जिलों में पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम किया। उन्होंने 2004 से 2011 तक सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) में भी काम किया। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें चार कुख्यात अपराधियों के एनकाउंटर में शामिल होने के लिए वीरता पदक मिले।
2024 में उन्हें बिहार का कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया था, उनके बाद विनय कुमार को बिहार पुलिस का डीजीपी नियुक्त किया गया था। आलोक राज ने बिहार पुलिस बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के महानिदेशक के तौर पर भी काम किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया।


