भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के आदेश के बाद बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद शुरू हुई रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने जहां अपने ने अपने T20 वर्ल्ड कप 2026 के मैचों को भारत से श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की है। वहीं, बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में आईपीएल के टेलीकास्ट को अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया है। एक रिपोर्ट की मानें तो इससे बीसीसीआई की कमाई और व्यूअरशिप पर बहुत कम असर पड़ेगा। जबकि बांग्लादेश साइड एड इन्वेंटरी को ज्यादा नुकसान होगा।
IPL के बिजनेस पर असर पड़ेगा?
दरअसल, बिजनेस स्टैंडर्ड की ओर से कोट किए गए तीन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का दावा है कि बांग्लादेश में आईपीएल का प्रसारण बैन होने से बीसीसीआई को कुछ खास असर नहीं पड़ने वाला है। इसका ज्यादा नुकसान बांग्लादेश को ही भुगतना होगा। रिपोर्ट में वैल्यूएशन सर्विस प्रोवाइडर डीएंडपी एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर संतोष एन ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि बांग्लादेश में आईपीएल का प्रसारण रोकने से कोई बड़ा असर होगा।
इससे बीसीसीआई की कमाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इससे ब्रॉडकास्टर द्वारा की जाने वाली पेमेंट में कोई बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि व्यूअरशिप पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पिछले सीजन में लीग में सिर्फ दो या तीन बांग्लादेशी खिलाड़ी ही सक्रिय रहे हैं।
ब्रॉडकास्टर की कमाई पर असर पड़ने की संभावना नहीं
वहीं, टीआरए रिसर्च के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एन चंद्रमौली ने बताया कि भले ही बांग्लादेश की एक अच्छी क्रिकेट टीम है, लेकिन इससे ब्रॉडकास्टर की कमाई पर असर पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी रेवेन्यू लॉस की भरपाई दूसरे ब्रांड्स के आने से हो जाएगी। आईपीएल लगातार बढ़ रहा है और मौजूदा स्पॉन्सर आने वाले सीजन में अपनी एडवरटाइजिंग बढ़ा सकते हैं।
बांग्लादेश साइड एड इन्वेंटरी को ज्यादा नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई को तुरंत होने वाला नुकसान लगभग न के बराबर लग रहा है, क्योंकि आईपीएल के 2023-27 मीडिया राइट्स साइकिल कॉन्ट्रैक्ट के तहत 48,390.32 करोड़ पर लॉक है। बांग्लादेश के राइट्स होल्डर टीस्पोर्ट्स के पास एक डील के तहत 2027 तक के आईपीएल राइट्स हैं।
वहीं, रिपोर्ट में अंदरूनी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अगर मैच टेलीकास्ट नहीं भी होते हैं तो भी पेमेंट एग्रीमेंट के अनुसार ही होंगे। ब्रांड फाइनेंस के अजिमोन फ्रांसिस ने कहा कि अगर बैन जारी रहता है तो नेट असर 2% से कम होगा। इसका मतलब है कि ज्यादा नुकसान आईपीएल के कोर राइट्स चेक के बजाय बांग्लादेश साइड एड इन्वेंटरी को होगा।


