कोरबा में अंतर्जातीय विवाह करने वाले अभिषेक आदिले (अनुसूचित जाति) और बबीता देवांगन (अन्य पिछड़ा वर्ग) को सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत 2.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि सामाजिक सद्भाव और समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई है। अभिषेक आदिले कोरबा के आदिले चौक, पुरानी बस्ती के निवासी हैं, जबकि बबीता देवांगन (22 साल) जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम चोरिया, तहसील सारागांव की रहने वाली हैं। बबीता और अभिषेक ने सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए विवाह किया, जिसे उनके परिवारों ने भी स्वीकार किया। अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दम्पत्ति को कुल 2.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोरबा द्वारा 1.00 लाख रुपये दम्पत्ति के संयुक्त बैंक खाते में जमा कर दिए गए हैं। शेष 1.50 लाख रुपये उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की सावधि जमा (FD) के रूप में निवेश किए गए हैं। कोरबा में महिला सुरक्षा, मानव तस्करी पर जागरूकता अभियान कोरबा में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान फोरम मॉल परिसर में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिला सुरक्षा संबंधी कानून, मानव तस्करी की रोकथाम और यातायात सुरक्षा के बारे में जानकारी देना था। इस अभियान में चौकी प्रभारी सीएसईबी भीमसेन, यातायात विभाग से सहायक उप निरीक्षक मनोज राठौर, पुलिस चौकी मानिकपुर से सहायक उप निरीक्षक कुलदीप तिवारी और महिला थाना प्रभारी भावना खंडारे अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। साइबर सेल की टीम और अन्य महिला पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल थीं। अधिकारियों ने महिला सुरक्षा अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम और पॉक्सो एक्ट जैसे महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1091, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। नागरिकों को किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, छेड़छाड़, ऑनलाइन धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। मानव तस्करी के खतरों के बारे में विस्तार से बताते हुए लोगों को संदिग्ध नेटवर्क की पहचान करने और पुलिस को सूचित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यातायात सुरक्षा के तहत हेलमेट के उपयोग, सीटबेल्ट लगाने, गति सीमा का पालन करने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के दुष्परिणामों पर विशेष जोर दिया गया।


