पूरी जनवरी बिहार में कितनी पड़ेगी ठंड:40 साल बाद 8 दिन ज्यादा सर्दी, 15 जनवरी से पहले नहीं मिलेगी राहत

पश्चिमी विक्षोभ के उत्तरी भारत के ऊपर से गुजरने के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है। इससे मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। पाकिस्तान से आ रही ठंडी हवाओं से बिहार में कड़ाके की ठंडी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस सप्ताह बहुत ज्यादा ठंड पड़ेगी। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गयाजी में 10 जनवरी तक कोल्ड डे जैसी स्थिति रह सकती है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। 15 जनवरी से पहले राहत की उम्मीद नहीं है। बिहार में जनवरी में मौसम कैसा रहेगा? ठंड बढ़ने से सेहत पर क्या असर पड़ रहा है? सरकार क्या कर रही है? इन सवालों को लेकर भास्कर ने मौसम वैज्ञानिक, आपदा विभाग और डॉक्टरों से बात की। पढ़ें रिपोर्ट… जनवरी में कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूरे जनवरी ठंड अधिक रहेगी। अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगा। न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। 14-15 जनवरी तक बहुत अधिक ठंड रहेगी। पश्चिमी बिहार के 11 जिलों (पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, छपरा, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल) में शीतलहर ज्यादा दिनों तक रह सकता है। 15 जनवरी के बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है। इससे थोड़ी राहत मिलेगी। रात में अधिक ठंड पड़ेगी। न्यूनतम तापमान गिरेगा। दिन में धूप निकलेगी। दिसंबर में 6 दिन रहे भीषण शीत दिवस दिसंबर 2025 में बिहार में कहीं बारिश नहीं हुई। 6 दिन भीषण शीत दिवस (Severe Cold day) और 11 दिन शीत दिवस (Cold day) रहा। 14 दिसंबर को सर्वाधिक तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में रिकॉर्ड किया गया। 31 दिसंबर को गया में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह महीने का सबसे ठंडा दिन रहा। दिसंबर में पटना का औसत अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिसंबर से जनवरी तक 22 दिन कोल्ड डे रहा है। यह सामान्य से 8 दिन अधिक है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3 जनवरी को समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगा जैसे 1998 वाली सर्दी वापस आ गई है। 27 साल पहले न्यूनतम तापमान इतना कम हुआ था। अगले दो दिनों तक रहेगा कोल्ड डे मौसम वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अगले दो दिनों तक बिहार में कोल्ड डे रहने की संभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान बढ़ेगा। पछुआ हवा चलने के चलते ऐसी स्थिति है। यह हवा पाकिस्तान से चलकर जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान होते हुए बिहार आ रही है। आने वाले 2-3 दिनों तक घना कोहरा छाने की संभावना है। क्या है कोल्ड डे? मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कोल्ड डे तब माना जाता है जब मैदानी इलाकों के लिए असल न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम हो और पहाड़ी इलाकों के लिए 0°C या उससे कम हो। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 4.5°C-6.4°C तक गिरावट आ जाए। अगर अधिकतम तापमान में गिरावट 6.4°C से भी अधिक हो तो ऐसे दिन को भीषण शीत दिवस कहते हैं। शीतलहर क्या है? शीतलहर हवा के तापमान की एक ऐसी स्थिति है जो इंसानी शरीर के लिए जानलेवा हो सकती है। हवा की गति के कारण शीतलहर का असर और बढ़ जाता है। इसे विंड चिल इफेक्ट कहा जाता है। शीतलहर तब मानी जाती है जब किसी जगह का न्यूनतम तापमान मैदानी इलाकों के लिए 10°C या उससे कम और पहाड़ी इलाकों के लिए 0°C या उससे कम हो जाता है। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़े, हॉस्पिटल भरे बिहार में ठंड बढ़ने से हर्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज की घटनाएं 30-35% बढ़ गईं हैं। बीते 3 दिन में 2 दर्जन से अधिक लोग इसके चलते मरे हैं। अस्पतालों के ICU और इमरजेंसी में जगह की कमी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड की वजह से ऐसी स्थिति है। बीपी के मरीजों को खासतौर से दिक्कत हो रही है। फिजिशियन डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का ज्यादा असर हो रहा है। PMCH सहित सभी अस्पतालों में बीपी, हर्ट और ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘बहुत अधिक ठंड बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। वे घर में रहें। मॉर्निंग वाक कुछ दिन स्थगित रखें। कमरे के अंदर लकड़ी आदि न जलाएं। उसके धुएं से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गर्म कपड़े ठीक से पहनें और गुनगुना पानी पिएं। खाना भी गर्म खाएं। सांस से जुड़ी कठिनाई जैसे कि दमा आदि की शिकायत है तो भाप लें या नेबुलाइजर का इस्तेमाल करें। बच्चों को भी ठंड से बचा कर रखें।’ क्या है पश्चिमी विक्षोभ, किस तरह डालता है असर? पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) महत्वपूर्ण वेदर सिस्टम है। यह भूमध्य सागर के क्षेत्र में बनता और पूरब की ओर बढ़ता है। इससे उत्तर-पश्चिमी भारतीय उपमहाद्वीप (जैसे भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान) में सर्दियों में बारिश और बर्फबारी होती है। यह बारिश सर्दियों की फसलों के लिए फायदेमंद होती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमालय के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई है। यहां से ठंडी हवा बिहार आ रही है, जिससे तापमान गिरा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ हवा अभी जारी रहेगी, जिससे आने वाले कुछ दिनों में ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। सुबह-शाम दिख रहा घना कोहरा, डाल रहा क्या असर? ठंडी हवा की वजह से रात के समय कम तापमान और अधिक सतही नमी की वजह से सुबह और शाम को कोहरा दिख रहा है। कोहरा सूरज की धूप को रोक रहा है। इससे दिन में भी सूरज की तपिश जमीन तक नहीं आ रही। नतीजा सूरज निकलने के बावजूद दिन में तापमान कम बढ़ता है। धूप नहीं मिलने से कनकनी ज्यादा महसूस हो रही है। कोहरे की वजह से हवा गर्म होकर ऊपर की ओर नहीं उठ पा रही है, इससे पॉल्यूशन हट नहीं रहा। कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल हो गया है। सड़क हादसे बढ़े हैं। फ्लाइट से लेकर ट्रेन तक लेट चल रही हैं। ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। रविवार को तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनें लेट रहीं। दिल्ली अमृत भारत 4 घंटे, इंदौर-पटना 4 घंटे, साउथ बिहार एक्सप्रेस 2 घंटे, मगध एक्सप्रेस 7 घंटे और दानापुर इंटरसिटी, इस्लामपुर-हटिया, डीडीयू-पटना मेमू, फरक्का एक्सप्रेस, वैशाली फास्ट मेमू, बिक्रमशिला एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, आरा कैपिटल एक्सप्रेस एवं बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस 1-1 घंटा लेट रही। रविवार काे इंडिगाे की दिल्ली की एक फ्लाइट रद्द हाे गई। विजिबिलिटी कम रहने से 14 जोड़ी विमान लेट रहे। पटना एयरपाेर्ट पर पहली फ्लाइट कोलकाता से इंडिगाे की 6E6348 समय से 9 मिनट पहले 11:11 बजे आई। शेड्यूल के मुताबिक, पहली फ्लाइट एअर इंडिया की एआई 1749 सुबह 9:40 बजे है, लेकिन यह 1 घंटे 37 मिनट देर से आई। दिल्ली-पटना की 6 जाेड़ी, बेंगलुरु-पटना की 2 जाेड़ी, हैदराबाद-पटना की 2 जाेड़ी, मुंबई-पटना की 2 जाेड़ी, रांची-पटना की 1 जाेड़ी और काेलकाता-पटना की 1 जाेड़ी फ्लाइट लेट रही। विमानाें के लेट हाेने से टर्मिनल भवन में यात्रियाें की भारी भीड़ थी। ठंड से हो रही परेशानी पर क्या कहते हैं पटना के लोग? ठंड बढ़ने से किस तरह की परेशानी हो रही है। इस संबंध में हमने पटना के लोगों से बात की। कपिल शाह ने कहा, ‘मुझे दिमाग की बीमारी है। दवा खाता हूं। ठंड के चलते बहुत परहेज रख रहा हूं। सुबह खाना खाकर वापस बिस्तर में चला जाता हूं। शाम को अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश करता हूं।’ हमें अलाव के पास बैठी पूजा यादव मिलीं। गोद में अपने बच्चे के लिए हुईं थी। उन्होंने कहा, ‘इतना अधिक ठंड है कि पूरा दिन रूम में बंद होकर रहती हूं। छोटा बच्चा है। इसे बहुत अधिक कपड़े पहनाकर रखती हूं।’ आग के सामने बैठीं सविता देवी ने कहा, ‘बहुत ठंड है। घर से निकलने का मन नहीं करता है। बहुत परेशानी है। किसी तरह घर के काम करती हूं।’ लोगों को सर्दी से राहत दिलाने के लिए सरकार क्या कर रही? भास्कर ने राज्य आपातकालीन संचालन केन्द्र के प्रभारी डॉ. उमेश सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘पंचायत स्तर पर अलाव जलाए जा रहे हैं। 3 जनवरी 2026 तक राज्य में 5733 जगहों पर अलाव जलाए गए। 1250130 किलो लकड़ियां जलायी गईं। 85 (अधिक पटना में 26) रैन बसेरा बनाए गए हैं। यहां 16038 लोग आए हैं। सरकार ने 33941 कंबल बांटे हैं। फसलों में बीमारी, पशुओं में दूध की कमी, उपाय जानिए अधिक ठंड और पाला पड़ने के चलते गाजर, मटर, टमाटर, धनिया, लहसुन सहित अन्य रबी फसलों में झुलसा रोग तेजी से फैल सकता है। इस रोग में पौधे की पत्तियां पीली होकर सूख जाती हैं। यह पत्तियों के किनारे से शुरू होकर पूरे पौधे में फैलता है। सबौर कृषि विश्वविद्यालय की सलाह के अनुसार इससे बचाव के लिए डाइथेन-ऐम- 45 फफूंदनाशक दवा 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 10 दिन के अंतराल पर 2-3 छिड़काव करें। ठंड बढ़ने से दुधारू पशुओं के दूध कम जाते हैं। ऐसे में हरे और सूखे चारे के मिश्रण के साथ नियमित रूप से 50 ग्राम नमक, 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण को प्रति पशु दें। पशुओं के लिए बिछावन में सूखी घास का उपयोग करें। पश्चिमी विक्षोभ के उत्तरी भारत के ऊपर से गुजरने के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है। इससे मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। पाकिस्तान से आ रही ठंडी हवाओं से बिहार में कड़ाके की ठंडी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस सप्ताह बहुत ज्यादा ठंड पड़ेगी। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गयाजी में 10 जनवरी तक कोल्ड डे जैसी स्थिति रह सकती है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। 15 जनवरी से पहले राहत की उम्मीद नहीं है। बिहार में जनवरी में मौसम कैसा रहेगा? ठंड बढ़ने से सेहत पर क्या असर पड़ रहा है? सरकार क्या कर रही है? इन सवालों को लेकर भास्कर ने मौसम वैज्ञानिक, आपदा विभाग और डॉक्टरों से बात की। पढ़ें रिपोर्ट… जनवरी में कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूरे जनवरी ठंड अधिक रहेगी। अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगा। न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। 14-15 जनवरी तक बहुत अधिक ठंड रहेगी। पश्चिमी बिहार के 11 जिलों (पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, छपरा, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल) में शीतलहर ज्यादा दिनों तक रह सकता है। 15 जनवरी के बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है। इससे थोड़ी राहत मिलेगी। रात में अधिक ठंड पड़ेगी। न्यूनतम तापमान गिरेगा। दिन में धूप निकलेगी। दिसंबर में 6 दिन रहे भीषण शीत दिवस दिसंबर 2025 में बिहार में कहीं बारिश नहीं हुई। 6 दिन भीषण शीत दिवस (Severe Cold day) और 11 दिन शीत दिवस (Cold day) रहा। 14 दिसंबर को सर्वाधिक तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में रिकॉर्ड किया गया। 31 दिसंबर को गया में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह महीने का सबसे ठंडा दिन रहा। दिसंबर में पटना का औसत अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिसंबर से जनवरी तक 22 दिन कोल्ड डे रहा है। यह सामान्य से 8 दिन अधिक है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3 जनवरी को समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगा जैसे 1998 वाली सर्दी वापस आ गई है। 27 साल पहले न्यूनतम तापमान इतना कम हुआ था। अगले दो दिनों तक रहेगा कोल्ड डे मौसम वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अगले दो दिनों तक बिहार में कोल्ड डे रहने की संभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान बढ़ेगा। पछुआ हवा चलने के चलते ऐसी स्थिति है। यह हवा पाकिस्तान से चलकर जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान होते हुए बिहार आ रही है। आने वाले 2-3 दिनों तक घना कोहरा छाने की संभावना है। क्या है कोल्ड डे? मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कोल्ड डे तब माना जाता है जब मैदानी इलाकों के लिए असल न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम हो और पहाड़ी इलाकों के लिए 0°C या उससे कम हो। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 4.5°C-6.4°C तक गिरावट आ जाए। अगर अधिकतम तापमान में गिरावट 6.4°C से भी अधिक हो तो ऐसे दिन को भीषण शीत दिवस कहते हैं। शीतलहर क्या है? शीतलहर हवा के तापमान की एक ऐसी स्थिति है जो इंसानी शरीर के लिए जानलेवा हो सकती है। हवा की गति के कारण शीतलहर का असर और बढ़ जाता है। इसे विंड चिल इफेक्ट कहा जाता है। शीतलहर तब मानी जाती है जब किसी जगह का न्यूनतम तापमान मैदानी इलाकों के लिए 10°C या उससे कम और पहाड़ी इलाकों के लिए 0°C या उससे कम हो जाता है। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़े, हॉस्पिटल भरे बिहार में ठंड बढ़ने से हर्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज की घटनाएं 30-35% बढ़ गईं हैं। बीते 3 दिन में 2 दर्जन से अधिक लोग इसके चलते मरे हैं। अस्पतालों के ICU और इमरजेंसी में जगह की कमी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड की वजह से ऐसी स्थिति है। बीपी के मरीजों को खासतौर से दिक्कत हो रही है। फिजिशियन डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का ज्यादा असर हो रहा है। PMCH सहित सभी अस्पतालों में बीपी, हर्ट और ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘बहुत अधिक ठंड बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। वे घर में रहें। मॉर्निंग वाक कुछ दिन स्थगित रखें। कमरे के अंदर लकड़ी आदि न जलाएं। उसके धुएं से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गर्म कपड़े ठीक से पहनें और गुनगुना पानी पिएं। खाना भी गर्म खाएं। सांस से जुड़ी कठिनाई जैसे कि दमा आदि की शिकायत है तो भाप लें या नेबुलाइजर का इस्तेमाल करें। बच्चों को भी ठंड से बचा कर रखें।’ क्या है पश्चिमी विक्षोभ, किस तरह डालता है असर? पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) महत्वपूर्ण वेदर सिस्टम है। यह भूमध्य सागर के क्षेत्र में बनता और पूरब की ओर बढ़ता है। इससे उत्तर-पश्चिमी भारतीय उपमहाद्वीप (जैसे भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान) में सर्दियों में बारिश और बर्फबारी होती है। यह बारिश सर्दियों की फसलों के लिए फायदेमंद होती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमालय के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई है। यहां से ठंडी हवा बिहार आ रही है, जिससे तापमान गिरा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ हवा अभी जारी रहेगी, जिससे आने वाले कुछ दिनों में ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। सुबह-शाम दिख रहा घना कोहरा, डाल रहा क्या असर? ठंडी हवा की वजह से रात के समय कम तापमान और अधिक सतही नमी की वजह से सुबह और शाम को कोहरा दिख रहा है। कोहरा सूरज की धूप को रोक रहा है। इससे दिन में भी सूरज की तपिश जमीन तक नहीं आ रही। नतीजा सूरज निकलने के बावजूद दिन में तापमान कम बढ़ता है। धूप नहीं मिलने से कनकनी ज्यादा महसूस हो रही है। कोहरे की वजह से हवा गर्म होकर ऊपर की ओर नहीं उठ पा रही है, इससे पॉल्यूशन हट नहीं रहा। कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल हो गया है। सड़क हादसे बढ़े हैं। फ्लाइट से लेकर ट्रेन तक लेट चल रही हैं। ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। रविवार को तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनें लेट रहीं। दिल्ली अमृत भारत 4 घंटे, इंदौर-पटना 4 घंटे, साउथ बिहार एक्सप्रेस 2 घंटे, मगध एक्सप्रेस 7 घंटे और दानापुर इंटरसिटी, इस्लामपुर-हटिया, डीडीयू-पटना मेमू, फरक्का एक्सप्रेस, वैशाली फास्ट मेमू, बिक्रमशिला एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, आरा कैपिटल एक्सप्रेस एवं बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस 1-1 घंटा लेट रही। रविवार काे इंडिगाे की दिल्ली की एक फ्लाइट रद्द हाे गई। विजिबिलिटी कम रहने से 14 जोड़ी विमान लेट रहे। पटना एयरपाेर्ट पर पहली फ्लाइट कोलकाता से इंडिगाे की 6E6348 समय से 9 मिनट पहले 11:11 बजे आई। शेड्यूल के मुताबिक, पहली फ्लाइट एअर इंडिया की एआई 1749 सुबह 9:40 बजे है, लेकिन यह 1 घंटे 37 मिनट देर से आई। दिल्ली-पटना की 6 जाेड़ी, बेंगलुरु-पटना की 2 जाेड़ी, हैदराबाद-पटना की 2 जाेड़ी, मुंबई-पटना की 2 जाेड़ी, रांची-पटना की 1 जाेड़ी और काेलकाता-पटना की 1 जाेड़ी फ्लाइट लेट रही। विमानाें के लेट हाेने से टर्मिनल भवन में यात्रियाें की भारी भीड़ थी। ठंड से हो रही परेशानी पर क्या कहते हैं पटना के लोग? ठंड बढ़ने से किस तरह की परेशानी हो रही है। इस संबंध में हमने पटना के लोगों से बात की। कपिल शाह ने कहा, ‘मुझे दिमाग की बीमारी है। दवा खाता हूं। ठंड के चलते बहुत परहेज रख रहा हूं। सुबह खाना खाकर वापस बिस्तर में चला जाता हूं। शाम को अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश करता हूं।’ हमें अलाव के पास बैठी पूजा यादव मिलीं। गोद में अपने बच्चे के लिए हुईं थी। उन्होंने कहा, ‘इतना अधिक ठंड है कि पूरा दिन रूम में बंद होकर रहती हूं। छोटा बच्चा है। इसे बहुत अधिक कपड़े पहनाकर रखती हूं।’ आग के सामने बैठीं सविता देवी ने कहा, ‘बहुत ठंड है। घर से निकलने का मन नहीं करता है। बहुत परेशानी है। किसी तरह घर के काम करती हूं।’ लोगों को सर्दी से राहत दिलाने के लिए सरकार क्या कर रही? भास्कर ने राज्य आपातकालीन संचालन केन्द्र के प्रभारी डॉ. उमेश सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘पंचायत स्तर पर अलाव जलाए जा रहे हैं। 3 जनवरी 2026 तक राज्य में 5733 जगहों पर अलाव जलाए गए। 1250130 किलो लकड़ियां जलायी गईं। 85 (अधिक पटना में 26) रैन बसेरा बनाए गए हैं। यहां 16038 लोग आए हैं। सरकार ने 33941 कंबल बांटे हैं। फसलों में बीमारी, पशुओं में दूध की कमी, उपाय जानिए अधिक ठंड और पाला पड़ने के चलते गाजर, मटर, टमाटर, धनिया, लहसुन सहित अन्य रबी फसलों में झुलसा रोग तेजी से फैल सकता है। इस रोग में पौधे की पत्तियां पीली होकर सूख जाती हैं। यह पत्तियों के किनारे से शुरू होकर पूरे पौधे में फैलता है। सबौर कृषि विश्वविद्यालय की सलाह के अनुसार इससे बचाव के लिए डाइथेन-ऐम- 45 फफूंदनाशक दवा 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 10 दिन के अंतराल पर 2-3 छिड़काव करें। ठंड बढ़ने से दुधारू पशुओं के दूध कम जाते हैं। ऐसे में हरे और सूखे चारे के मिश्रण के साथ नियमित रूप से 50 ग्राम नमक, 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण को प्रति पशु दें। पशुओं के लिए बिछावन में सूखी घास का उपयोग करें।  

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