नीमच में एक किसान परिवार अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के विरोध में कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठा है। कारुंडा निवासी लक्ष्मीनारायण पाटीदार सोमवार रात से अपने पूरे परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे प्रदर्शन कर रहे हैं। परिवार में उनकी आठ माह की पोती और एक दिव्यांग बेटा भी शामिल हैं, जो कड़ाके की ठंड में रात बिताने को मजबूर हैं। किसान लक्ष्मीनारायण पाटीदार का आरोप है कि सेमार्डा की राजस्व सीमा में स्थित उनकी 3.9 हेक्टेयर (लगभग 15 बीघा) जमीन में से डेढ़ बीघा पर पड़ोसी श्रवण सिंह, लक्ष्मण सिंह और चमन सिंह ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उन्होंने खेत का रास्ता भी बंद कर दिया है, जिससे किसान को अपनी जमीन तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया कि वे राजस्थान के छोटी सादड़ी तहसील के निवासी हैं, लेकिन उनकी खेती की जमीन मध्य प्रदेश की सीमा में आती है। अपनी जमीन को दबंगों से मुक्त कराने के लिए उन्होंने पुलिस थाने से लेकर राजस्व अधिकारियों तक कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। थक-हारकर किसान अपने परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, तीन बेटे, बहू और मासूम बच्ची शामिल हैं, के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें अपनी जमीन का भौतिक कब्जा नहीं मिल जाता और खेत का रास्ता बहाल नहीं किया जाता, तब तक वे कलेक्ट्रेट से नहीं हटेंगे।


