कृषि महाविद्यालय, रायपुर के स्वामी विवेकानंद सभागार में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत सड़क सुरक्षा पर व्याख्यान एवं खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित हुआ। आयोजन ट्रैफिक पुलिस रायपुर, कृषि महाविद्यालय रायपुर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त समन्वय से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जस्टिस अभय मनोहर सप्रे, अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा कमेटी, नई दिल्ली शामिल हुए। हेलमेट और सीट बेल्ट को बताया जीवन रक्षक जस्टिस सप्रे ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं किसी दैवीय कारण से नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं और इन्हें रोका जा सकता है। उन्होंने वीडियो क्लिप के माध्यम से बताया कि हेलमेट किस प्रकार जीवन बचाता है, वहीं तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और सिग्नल तोड़ने से होने वाली घातक दुर्घटनाओं के उदाहरण भी प्रस्तुत किए। सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की सहायता करने वाले पांच नागरिकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके मानवीय कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर फरिहा आलम सिद्दीकी, संयुक्त सचिव, शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं उपस्थित नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। छत्तीसगढ़ देश में 12वें स्थान पर जस्टिस सप्रे ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में छत्तीसगढ़ देश में 12वें स्थान पर है। वहीं रायपुर में वर्ष 2025 में 618 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत मामलों में मौत हुई। उन्होंने युवाओं से अपील की कि हेलमेट ट्रैफिक पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पहनें। बड़ी संख्या में छात्र और स्वयंसेवक रहे मौजूद कार्यक्रम में डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डी. रविशंकर, अपर आयुक्त, परिवहन, डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय रायपुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. पी. के. सांगोड़े, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किया गया। अंत में डॉ. आरती गुहे ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इनके अलावा कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, प्राध्यापकगण, राज्य के एनएसएस अधिकारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


