वाराणसी में गर्भवती महिला की लात-घूसों से पीटकर हत्या:प्रसूता को लेकर जाते समय पति पर हमला, शव रखकर परिजनों ने लगाया जाम

वाराणसी में ऑटो से अस्पताल जा रही महिला पर मोहल्ले के दबंगों ने हमला कर दिया। ऑटो को रोककर पहले पति को पीटा, बीच बचाव करने पहुंची गर्भवती सलोनी पटेल (35) पर भी जमकर लात घूसे बरसाए। हमलावर गली से ऑटो निकलने का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद अस्पताल पहुंची महिला ने दम तोड़ दिया। दबंगों की पिटाई से घायल पति ने लालपुर थाने से पुलिस बुलाई लेकिन हमलावर मौके से भाग निकले। महिला की मौत के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और हंगामा काटा। लालपुर पुलिस पर लापरवाही और दबंगों की मदद का आरोप लगाया। मामला बढ़ता देखकर पुलिस ने मारपीट का केस दर्ज कर लिया है। उधर, पति और परिजन दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। लालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुकुलगंज–कुलगंज खजूरी निवासी दशमी पटेल सरकारी अफसरों के आवास पर फालोवर है और प्रशासनिक अफसरों का खाना बनाता है। रविवार को एक अधिकारी के आवास पर खाना बनाते समय पत्नी ने तबियत बिगड़ने की सूचना दी। उसने अफसर को बताया कि पत्नी सनोली पटेल गर्भवती थी और डिलीवरी के लिए समय नजदीक है और उसे अस्पताल लेकर जाना है। घर पहुंचकर पत्नी की प्रसव पीड़ा को देखकर दशमी पटेल ने बाहर पेट्रोल पंप से एक ऑटो लेकर गली में पहुंचा और पत्नी को उस पर लेकर जाने के लिए बाहर बुलाया। पत्नी को आने में असमर्थ देखकर अंदर गली में ऑटो लेकर जाने लगा तो दुकानदारों ने विरोध कर दिया। युवक ने दुकानदारों से सड़क का सामान हटाने की गुहार लगाई। किसी ने उसकी एक नहीं सुनी और दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। अचानक एक दुकान पर बैठे युवक ने दशमी पटेल पर हमला बोल दिया। साथियों को बुलाकर मिलकर मारपीट शुरू कर दी। उधर, शोर सुनकर बाहर पहुंची उसकी मां को भी हमलावरों ने धक्का दे दिया। गर्भवती महिला के पति के साथ मारपीट की गई, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई।पति को पिटता देखकर पत्नी सलोनी पटेल भी बीच बचाव करने पहुंची तो हमलावरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। लात-घूसों से जमकर पीटते हुए धक्का दे दिया। उसके रक्तस्राव होने लगा जिसके बाद पति ने पुलिस को फोन किया। पुलिस को बताया कि पत्नी को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, तभी कुछ मनबढ़ युवकों ने रास्ता रोक लिया। लगभग चार घंटे तक उन्हें जबरन रोके रखा है। हालांकि पुलिस ने आकर मामला शांत कराया लेकिन हमलावरों ने टैंपो नहीं जाने दिया। विवाद के बाद महिला अस्पताल नहीं गई और घर पहुंच गई। लंबे समय तक रोके जाने और तनाव के कारण महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। सोमवार को फिर उसकी हालत बिगड़ी तो किसी तरह उसे अस्पताल ले जाया गया, तो उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि भ्रूण में गहरी चोटें लगने के चलते शिशु की अंदर मृत्यु हो गई, जिसके इन्फेक्शन में महिला की मौत की संभावना जताई है। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष ने थाने में शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा सही ढंग से कार्रवाई नहीं की गई। महिला की मौत के बाद नाराज़ होकर परिजन और स्थानीय लोग आज शाम करीब 4:30 बजे धरने पर बैठ गए। इसके बाद पहुंचे थानेदार ने समझाने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित लोग कार्रवाई पर अड़े हैं। मौके पर फोर्स और अफसर पहुंचे हैं जो मानने का प्रयास कर रहे हैं

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