मिर्जापुर। लालगंज तहसील के तेंदुआ खुर्द गांव में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जिला प्रशासन को पत्रक सौंपा है। सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने उपजिलाधिकारी अजीत को पत्रक सौंपकर आदिवासी ग्रामीणों के साथ हुए कथित अन्याय की जांच कराने की मांग की। सपा ने आरोप लगाया कि शनिवार की सुबह करीब पांच बजे वन विभाग के कर्मी बिना पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना दिए तेंदुआ खुर्द गांव के जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद पुरुषों के साथ-साथ आदिवासी महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। पार्टी का आरोप है कि उक्त भूमि पर दो दर्जन से अधिक लोगों को विधिवत पट्टा दिया गया है। इसके बावजूद वनकर्मियों ने आदिवासी कोल समुदाय की खड़ी फसल को उजाड़ दिया। सपा नेताओं ने बताया कि तेंदुआ खुर्द गांव के आदिवासी परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से वहां मकान बनाकर रह रहे हैं, खेती-बाड़ी कर रहे हैं और अपने उपयोग के लिए कुएं भी खुदवा रखे हैं। इसके बावजूद वन विभाग की तहरीर पर लालगंज थाने में 7 नामजद और 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दी गई है। जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने मांग की है कि आदिवासी महिलाओं पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और दोषी वनकर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर डॉ. शक्ति श्रीवास्तव, सियाराम जैसल, मेवालाल प्रजापति, मनोज चौहान, हरिशंकर यादव, रामजी बिन्द, रामनगीना कोल, रविन्द्र कोल, रामराज यादव, सत्यप्रकाश यादव, रवि सोनकर, अनिल सोनकर, मिथिलेश गुप्ता, राजेन्द्र अग्रहरी, राममिलन यादव, रामजी यादव, अवधेश सिंह, जमाल अहमद, सलीम बादशाह और अभय यादव सहित कई सपा नेता मौजूद रहे।


