पश्चिम बंगाल की CM मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा किसी धर्म में विश्वास नहीं करती, केवल झूठ फैलाने में विश्वास करती है। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में रैली में ममता ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) के दौरान मतदान केंद्र पर वैधता साबित करने के लिए कतारों में खड़ा किया गया। हम SIR के दौरान लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार और मौतों के खिलाफ मंगलवार को कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं। ममता ने पूछा अगर कोई अपने बूढ़े माता-पिता को पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दे, तो भाजपा नेताओं को कैसा लगेगा? ममता ने दावा किया कि जब से SIR शुरू हुआ है, डर के मारे कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। मनमाने ढंग से वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे ममता ने आरोप लगाया कि SIR प्रोसेस से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। यदि अनुमति मिली, तो मैं सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगी। एक आम नागरिक के रूप में इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ पैरवी करूंगी। ममता ने आरोप लगाया कि वैध कारणों के बिना मनमाने ढंग से मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। इससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया लोगों को डराने की प्रोसेस बन गई है। उन्होंने दावा किया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों और बुजुर्ग नागरिकों को यह साबित करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है कि वे वैध मतदाता हैं। ये खबर भी पढ़ें: शाह बोले- ममता घुसपैठ नहीं रोक सकतीं:CM बोलीं- शकुनि का चेला आया, घुसपैठ सिर्फ बंगाल से तो क्या पहलगाम हमला आपने कराया पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने 30 दिसंबर (2025) को पश्चिम बंगाल के बांकुरा में कहा है कि शकुनि का चेला दुशासन बंगाल में जानकारी जुटाने आया है। जैसे ही चुनाव आते हैं, दुशासन और दुर्योधन दिखाई देने लगते हैं। आज बीजेपी कह रही है कि ममता बनर्जी ने जमीन नहीं दी, तो फिर पेट्रापोल और अंडाल में जमीन किसने दी? पढ़ें पूरी खबर…


