CEO कैंपबेल विल्सन को निकाल सकती है एअर इंडिया:खराब सर्विस और फ्लाइट में देरी बनी बड़ी वजह; नए चेहरे की तलाश में टाटा संस

CEO कैंपबेल विल्सन को निकाल सकती है एअर इंडिया:खराब सर्विस और फ्लाइट में देरी बनी बड़ी वजह; नए चेहरे की तलाश में टाटा संस

टाटा ग्रुप की ओनरशिप वाली एयरलाइन एअर इंडिया में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एअर इंडिया के मौजूदा CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) कैंपबेल विल्सन को हटाया जा सकता है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन एयरलाइन की कमान संभालने के लिए एक नए CEO की तलाश कर रहे हैं। विल्सन का कार्यकाल चुनौतियों से भरा रहा है, जिसमें तकनीकी दिक्कतें और सर्विस क्वालिटी को लेकर लगातार उठ रहे सवाल शामिल हैं। विस्तारा के मर्जर के बाद नेतृत्व में बदलाव की चर्चा एअर इंडिया और विस्तारा के हालिया मर्जर के बाद टाटा ग्रुप एयरलाइन के ऑपरेशन्स को और ज्यादा प्रोफेशनल और स्मूथ बनाना चाहता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि मर्जर के बाद मैनेजमेंट में बदलाव होना स्वाभाविक है। कंपनी अब ऐसे लीडर की तलाश में है जो एअर इंडिया के ग्लोबल फुटप्रिंट को मजबूती दे सके और कस्टमर सर्विस के गिरते ग्राफ को संभाल सके। विल्सन के कार्यकाल में हुईं कई बड़ी घटनाएं न्यूजीलैंड के कैंपबेल विल्सन जून 2022 में एअर इंडिया से जुड़े थे। उनके कार्यकाल में एअर इंडिया ने 470 नए विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया, लेकिन साथ ही कई विवाद भी जुड़े रहे। ‘पेशाब कांड’ जैसी घटनाओं और केबिन की खराब हालत (टूटी सीटें, काम न करने वाली स्क्रीन) ने एयरलाइन की इमेज को नुकसान पहुंचाया। सोशल मीडिया पर यात्री अक्सर फ्लाइट्स में देरी और खराब सर्विस को लेकर कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं। टाटा ग्रुप क्यों देख रहा है नया चेहरा? एन चंद्रशेखरन का लक्ष्य एअर इंडिया को फिर से दुनिया की सबसे बेहतरीन एयरलाइन्स में शामिल करना है। सूत्रों के मुताबिक, ग्रुप लीडरशिप अब किसी ऐसे व्यक्ति को चाहती है जो भारतीय मार्केट की बारीकियों को बेहतर समझता हो या जिसके पास इंटरनेशनल एविएशन सेक्टर में बड़े ट्रांसफॉर्मेशन का अनुभव हो। टाटा ग्रुप यह सुनिश्चित करना चाहता है कि एअर इंडिया और विस्तारा के इंटीग्रेशन के बाद कर्मचारियों और यात्रियों के बीच कोई असंतोष न रहे। विस्तारा के पूर्व CEO पर भी नजर मर्जर के बाद विस्तारा के CEO विनोद कन्नन की भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि फिलहाल टाटा ग्रुप बाहर से किसी बड़े अनुभवी चेहरे को लाने पर विचार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में इस पर आधिकारिक घोषणा हो सकती है। विल्सन का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के करीब है, ऐसे में ग्रुप जल्द ही उत्तराधिकारी का नाम फाइनल कर सकता है। एअर इंडिया के लिए आगे क्या चुनौतियां हैं? नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुरानी पड़ चुकी फ्लीट (पुराने विमानों) को सुधारना और एयरलाइन के वर्क कल्चर को टाटा के मानकों के अनुरूप ढालना होगा। एअर इंडिया फिलहाल इंडिगो के साथ मार्केट शेयर की जंग लड़ रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय रूट पर एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करने के लिए सर्विस क्वालिटी में भारी सुधार की जरूरत है।

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