बेगूसराय में आज से पंचायतों के मुखिया को विशेष ट्रेनिंग:ग्राम पंचायत विकास योजना को अधिक प्रभावी बनाना उद्देश्य, स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने की अपील

बेगूसराय में आज से पंचायतों के मुखिया को विशेष ट्रेनिंग:ग्राम पंचायत विकास योजना को अधिक प्रभावी बनाना उद्देश्य, स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने की अपील

ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) 2026-27 को अधिक प्रभावी, जनोन्मुखी और स्वास्थ्य केंद्रित बनाने के लिए आज से जिले के मुखिया को स्वस्थ ग्राम (Healthy Village) थीम पर विशेष प्रशिक्षण की शुरुआत किया गया है। यह प्रशिक्षण लोकल सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (LSDG) के तहत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में पिरामल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग के साथ-साथ प्रदान एवं अन्य सहयोगी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी है। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। मुखिया को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने से गांवों में बीमारियों की रोकथाम होगी। स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने से गांवों में बीमारियों की रोकथाम मुखिया को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा, कुपोषण एवं एनीमिया पर नियंत्रण किया जा सकेगा। स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ वातावरण का विकास इससे संभव होगा। इसके साथ ही ग्रामीणों के इलाज पर होने वाला खर्च घटेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। आदर्श आरोग्य दिवस को प्रत्येक पंचायत में नियमित एवं प्रभावी रूप से आयोजित करने पर विशेष बल दिया गया है। बताया गया है कि आदर्श आरोग्य दिवस की निगरानी मुखिया स्वयं करें। जिससे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का पोषण आकलन और स्वास्थ्य परामर्श समय पर हो सके। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया गया है। जिससे समुदाय की भागीदारी बढ़े और पोषण संबंधी संदेश व्यापक रूप से पहुंचे। पंचायतों की सक्रिय भूमिका से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होगी बताया गया कि GPDP के तहत स्वस्थ ग्राम थीम में आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल जीवन मिशन, नियमित टीकाकरण तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं को पंचायत स्तर पर समन्वय के साथ शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भूमिका से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होगी, अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी। गोद भराई, अन्नप्राशन और VHSND को नियमित एवं उत्सवी तरीके से आयोजित करने से पोषण संकेतकों में ठोस सुधार देखने को मिलेगा। योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी करें। इससे समग्र विकास को गति मिलेगी। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) 2026-27 को अधिक प्रभावी, जनोन्मुखी और स्वास्थ्य केंद्रित बनाने के लिए आज से जिले के मुखिया को स्वस्थ ग्राम (Healthy Village) थीम पर विशेष प्रशिक्षण की शुरुआत किया गया है। यह प्रशिक्षण लोकल सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (LSDG) के तहत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में पिरामल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग के साथ-साथ प्रदान एवं अन्य सहयोगी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी है। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। मुखिया को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने से गांवों में बीमारियों की रोकथाम होगी। स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने से गांवों में बीमारियों की रोकथाम मुखिया को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ ग्राम थीम अपनाने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा, कुपोषण एवं एनीमिया पर नियंत्रण किया जा सकेगा। स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ वातावरण का विकास इससे संभव होगा। इसके साथ ही ग्रामीणों के इलाज पर होने वाला खर्च घटेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। आदर्श आरोग्य दिवस को प्रत्येक पंचायत में नियमित एवं प्रभावी रूप से आयोजित करने पर विशेष बल दिया गया है। बताया गया है कि आदर्श आरोग्य दिवस की निगरानी मुखिया स्वयं करें। जिससे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का पोषण आकलन और स्वास्थ्य परामर्श समय पर हो सके। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया गया है। जिससे समुदाय की भागीदारी बढ़े और पोषण संबंधी संदेश व्यापक रूप से पहुंचे। पंचायतों की सक्रिय भूमिका से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होगी बताया गया कि GPDP के तहत स्वस्थ ग्राम थीम में आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल जीवन मिशन, नियमित टीकाकरण तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं को पंचायत स्तर पर समन्वय के साथ शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भूमिका से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होगी, अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी। गोद भराई, अन्नप्राशन और VHSND को नियमित एवं उत्सवी तरीके से आयोजित करने से पोषण संकेतकों में ठोस सुधार देखने को मिलेगा। योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी करें। इससे समग्र विकास को गति मिलेगी।  

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