1 जनवरी को शारदा सहायक नहर में एक किशोरी का शव मिला। शुरुआती तौर पर पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी थी। करीब 72 घंटे बाद शव की पहचान बिसवां थाना क्षेत्र के न्यौराजपुर पोस्ट उलरा निवासी जगदीप सिंह की बेटी महक कौर (16) के रूप में हुई। महक बीबीए की छात्रा थी।
15 दिसंबर को घर से निकली थी
मामला फतेहपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, महक 15 दिसंबर को बीबीए की परीक्षा देने के लिए घर से बाइक लेकर निकली थी। दोपहर 1:21 बजे तक वह कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए परिजनों के संपर्क में थी, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
नहर से मिले शव के पास किनारे पर महक की बाइक और स्कूल बैग बरामद हुआ। बैग में एक नोट मिला है, जिसकी भाषा पंजाबी बताई जा रही है। नोट के हिंदी अनुवाद में पिता से माफी मांगने, अपनी गलतियों का जिक्र करने और आत्महत्या की बात लिखी होने का उल्लेख है। परिजनों का कहना है कि नोट की लिखावट महक की नहीं लगती।
सुसाइड नोट का हिंदी अनुवाद
“पापा, मुझे नहीं पता कि मैंने किसी का क्या बुरा किया है, लेकिन आज आखिरी बार आपसे माफी मांग रही हूं। प्लीज मुझे माफ कर देना। आज के बाद मैं कभी आपके सपनों में भी नहीं आऊंगी। लव यू डैड। मेरी बहुत बड़ी गलती है, प्लीज मुझे माफ कर देना। आज मेरी वजह से मेरी परीक्षा रुक गई। आपसे बहुत सारी बातें करनी थीं, लेकिन अब समय खत्म हो गया है। डैड, हम किसी की वजह से नहीं, बल्कि अपनी वजह से और अपनी ही गलतियों के साथ इस दुनिया से जा रहे हैं। अब बस रब का ही सहारा है।
महक की कमर में बंधी थी रस्सी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव मिलने के समय महक की कमर में रस्सी बंधी थी, जिसका दूसरा सिरा खुला हुआ था। इसी आधार पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। महक के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि एक युवक उनकी बेटी को लगातार परेशान कर रहा था। परिवार का कहना है कि महक तनाव में थी, लेकिन डर के कारण उसने यह बात घर में साझा नहीं की।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच और कॉल डिटेल्स सहित तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच जारी है।


