लोहरदगा-रांची-टोरी रेलखंड के रेलवे पुल में दरार:सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी तक रद्द, नगजुआ स्टेशन तक ही जाएगी मेमू ट्रेन

लोहरदगा-रांची-टोरी रेलखंड के रेलवे पुल में दरार:सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी तक रद्द, नगजुआ स्टेशन तक ही जाएगी मेमू ट्रेन

लोहरदगा-रांची-टोरी रेलखंड पर कोयल नदी पर बने रेलवे पुल संख्या 115 में दरार आने से रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल के पिलर संख्या 4 और 5 के बीच गंभीर दरार की पुष्टि होते ही रांची रेल मंडल में हड़कंप मच गया। यह दरार पहले से मरम्मती पिलर संख्या 5 के पास और बढ़ गई। जब पिलर संख्या 4 में भी क्रैक नजर आया। गनीमत रही कि रविवार सुबह इसी क्षतिग्रस्त पुल से राजधानी एक्सप्रेस, सासाराम एक्सप्रेस और मेमू पैसेंजर ट्रेनें गुजर चुकी थीं। कोई हादसा नहीं हुआ। इंजीनियरिंग स्टाफ की नजर पड़ते ही सुबह 10:10 बजे तत्काल प्रभाव से पुल पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। सासाराम एक्सप्रेस रद्द 8 जनवरी तक रद्द पुल की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने कई अहम ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। ट्रेन संख्या 12453 रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 4 जनवरी को अपने निर्धारित मार्ग रांची–लोहरदगा–टोरी के बजाय परिवर्तित मार्ग रांची–बरकाकाना–टोरी होकर चलाई गई। इस दौरान टोरी स्टेशन पर ठहराव दिया गया। वहीं, ट्रेन संख्या 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस को 7 जनवरी तक रांची से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा सासाराम–रांची एक्सप्रेस भी 6 से 8 जनवरी तक रद्द रहेगी। रेलवे के अनुसार 7 जनवरी तक लोहरदगा स्टेशन पर किसी भी ट्रेन का आगमन नहीं होगा। नगजुआ स्टेशन तक ही मेमू पैसेंजर लोहरदगा-रांची सेक्शन पर चलने वाली सभी मेमू पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से सीमित कर दिया गया है। ये ट्रेनें अब लोहरदगा के बजाय नगजुआ स्टेशन तक ही जाएंगी और वहीं से वापस रांची के लिए खुलेंगी। अचानक ट्रेनें रोके जाने से कई यात्रियों को पुल पार कर पैदल सफर करना पड़ा। ठंड के मौसम में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि समय रहते सूचना नहीं मिलने से अफरातफरी की स्थिति बन गई। इरगांव तक ट्रेन बढ़ाने और बस सुविधा पर मंथन रांची रेल मंडल यात्रियों की सुविधा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। मंडल का प्रयास है कि लोहरदगा की ओर जाने वाली मेमू ट्रेनों को नगजुआ के बजाय इरगांव स्टेशन तक बढ़ाया जाए, क्योंकि इरगांव से लोहरदगा की दूरी केवल 8 किमी है, जबकि नगजुआ से 20 किमी। साथ ही इरगांव से लोहरदगा तक बस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार से अनुरोध किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम पुल का निरीक्षण करेगी और मरम्मत पूरी होते ही परिचालन बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। लोहरदगा-रांची-टोरी रेलखंड पर कोयल नदी पर बने रेलवे पुल संख्या 115 में दरार आने से रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल के पिलर संख्या 4 और 5 के बीच गंभीर दरार की पुष्टि होते ही रांची रेल मंडल में हड़कंप मच गया। यह दरार पहले से मरम्मती पिलर संख्या 5 के पास और बढ़ गई। जब पिलर संख्या 4 में भी क्रैक नजर आया। गनीमत रही कि रविवार सुबह इसी क्षतिग्रस्त पुल से राजधानी एक्सप्रेस, सासाराम एक्सप्रेस और मेमू पैसेंजर ट्रेनें गुजर चुकी थीं। कोई हादसा नहीं हुआ। इंजीनियरिंग स्टाफ की नजर पड़ते ही सुबह 10:10 बजे तत्काल प्रभाव से पुल पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। सासाराम एक्सप्रेस रद्द 8 जनवरी तक रद्द पुल की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने कई अहम ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। ट्रेन संख्या 12453 रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 4 जनवरी को अपने निर्धारित मार्ग रांची–लोहरदगा–टोरी के बजाय परिवर्तित मार्ग रांची–बरकाकाना–टोरी होकर चलाई गई। इस दौरान टोरी स्टेशन पर ठहराव दिया गया। वहीं, ट्रेन संख्या 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस को 7 जनवरी तक रांची से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा सासाराम–रांची एक्सप्रेस भी 6 से 8 जनवरी तक रद्द रहेगी। रेलवे के अनुसार 7 जनवरी तक लोहरदगा स्टेशन पर किसी भी ट्रेन का आगमन नहीं होगा। नगजुआ स्टेशन तक ही मेमू पैसेंजर लोहरदगा-रांची सेक्शन पर चलने वाली सभी मेमू पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से सीमित कर दिया गया है। ये ट्रेनें अब लोहरदगा के बजाय नगजुआ स्टेशन तक ही जाएंगी और वहीं से वापस रांची के लिए खुलेंगी। अचानक ट्रेनें रोके जाने से कई यात्रियों को पुल पार कर पैदल सफर करना पड़ा। ठंड के मौसम में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि समय रहते सूचना नहीं मिलने से अफरातफरी की स्थिति बन गई। इरगांव तक ट्रेन बढ़ाने और बस सुविधा पर मंथन रांची रेल मंडल यात्रियों की सुविधा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। मंडल का प्रयास है कि लोहरदगा की ओर जाने वाली मेमू ट्रेनों को नगजुआ के बजाय इरगांव स्टेशन तक बढ़ाया जाए, क्योंकि इरगांव से लोहरदगा की दूरी केवल 8 किमी है, जबकि नगजुआ से 20 किमी। साथ ही इरगांव से लोहरदगा तक बस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार से अनुरोध किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम पुल का निरीक्षण करेगी और मरम्मत पूरी होते ही परिचालन बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।  

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