Jalore News: सियाणा। एक तरफ सरकार डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं काे लागू कर रही है। वहीं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या के चलते लोगों को इन योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए छत या पेड़ पर चढ़कर नेटवर्क तलाशना पड़ता है।
यहीं स्थिति जिले के मेडाऊपरला गांव की है। जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद आज तक मेडाऊपरला गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।
मेड़ा ऊपरला गांव क्षेत्र के भेटाला, मायलावास, बारलावास, मेडानिचला गांवों का ग्राम पंचायत मुख्यालय है। यहां उप स्वास्थ्य केन्द्र, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, उप डाकघर व राशन वितरण की दुकान के साथ कई सरकारी दफ्तर है। लेकिन यहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। ऐसे में ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहे है।
मोबाइल बने शो पीस
जैसे ही आस पास के गांवों के लोग मेडा ऊपरला गांव पहुंचते है। तो वहां उनका मोबाइल शो पीस बनकर रह जाता हैं। जिससे यहां आने वाले लोगों को ऑनलाइन अपडेट जानकारी नहीं मिल पाती है। वहीं गांव में कभी भी हादसे की सूचना समय पर देने में भी परेशानी होती है। असमर्थता जाहिर की जाती हैं।
नेटवर्क के लिए पेड़ व पहाड़ी का सहारा
जब ग्रामीणों को आवश्यक कार्य हो तो गांव की पहाड़ी पर स्थित माताजी मंदिर या पेड़ों पर चढ़कर नेटवर्क आने का इंतजार करना पड़ता है। नेटवर्क आने पर ही संबंधित से बात हो पाती है।
इनका कहना है
मेडाऊपरला गांव में नेटवर्क की सुविधा के अभाव में ऑनलाइन कार्य करने में भी परेशानी आ रही हैं।
- नाथूसिंह, वीडीओ, मेडाऊपरला
गांव में टॉवर लगवाने को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ हैं। लेकिन अभी तक किसी भी कंपनी ने नहीं लगाया। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही हैं।
- प्रेमसिंह चौहान, प्रशासक, मेडाऊपरला


