कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद में एजेंट ने युवक को स्पेन भेजने का झांसा देकर 15 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी पूरे पैसे लेकर फर्जी वीजा थमा दिया। पकड़े जाने पर आरोपी एजेंट ने उसे चेक दिए, लेकिन चेक बाउंस हो गए। अब पुलिस ने शिकायत पर FIR दर्ज की। बलबीर सिंह निवासी जलबेहड़ा गांव ने बताया कि वह बेरोजगार था। इसलिए उसने विदेश जाने फैसला लिया। इसी दौरान नवंबर 2024 में करनाल के समंद गांव के एजेंट हरजिंदर सिंह ने उसे स्पेन (यूरोप) भेजने का वादा किया। उनकी 15 लाख रुपए में डील फाइनल हो गई। 2.5 लाख एडवांस दिए इसमें 2.5 लाख रुपए एडवांस देने थे और बकाया रकम पहुंच पर देनी थी। विश्वास करके उसने 2.5 लाख नकद दिए। उसी महीने आरोपी हरजिंदर ने उसका पासपोर्ट लिया और उसे साथी एजेंट कृष्ण निवासी डहर जिला पानीपत काे पकड़ा दिया। 3 बार में करवाई फिंगर करीब 4 महीने बाद आरोपी एजेंटों ने उसे 17 मार्च को फिंगर करवाने के लिए दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम एम्बेसी बुलाया, लेकिन उस दिन उसके फिंगर नहीं हुए। दूसरी कोशिश भी फेल हो गई। तीसरी बार में तीसरे एजेंट अमन ने 31 मार्च को आरोपियों ने उसके फिंगर किसी तरह करवाकर वापस भेज दिया। वीजा दिखाकर मांगे बकाया पैसे 17 अप्रैल को आरोपी कृष्ण और अमन का फोन आया और बोले कि उसका वीजा लग गया। 25 अप्रैल को आरोपियों ने उसे 12.5 लाख लेकर सफीदों बुलाया और पैसे लेकर चले गए। यहां उनके एक और साथी तपन ने उसे सिक्योरिटी के नाम पर 2 लेटर पैड पर बलबीर सिंह ने स्पेन जाने के लिए 12.5 लाख दिए, लिखकर दिया। फर्जी मिला वीजा 11 मई को आरोपियों ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया, जहां आरोपी कृष्ण ने उसे पासपोर्ट, वीजा और टिकट दिया। वह दिल्ली पहुंच गया तो आरोपियों ने अपने फोन बंद कर लिए। थक हारकर उसे वापस आना पड़ा। 17 मई को वह तपन के पास पहुंचा तो उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। शिकायत पर चेक दिए तंग आकर उसने 10 जुलाई को पुलिस को शिकायत दी, जिस पर आरोपियों ने उसके साथ पंचायती राजीनामा किया और पैसे लौटाने की बात कही। 22 अगस्त को आरोपी ने उसे साढ़े 4 लाख और 2 लाख रुपए के 2 चेक दिए। बकाया राशि नकद देना तय हुआ। लेकिन उसके दोनों चेक बाउंस हो गए। इस्माइलाबाद पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।


