रिम्स परिसर स्थित केली बंगला नंबर-2 आखिरकार खाली करा लिया गया। हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी आशीष सिंहमार के नाम से अलॉट यह बंगला उनके झारखंड से जाने के बाद खाली नहीं कराया जा सका था। शनिवार को बंगले के बाहर लगा नेम प्लेट और बोर्ड हटा लिए गए, वहीं मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ पाया गया। सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह बंगला खाली कराया गया। आईएएस सिंहमार मार्च 2014 में प्रतिनियुक्ति पर झारखंड आए थे। यहां उन्हें एनआरएचएम का अभियान निदेशक बनाया गया था। इसी दौरान उन्हें रिम्स का केली बंगला नंबर-2 सरकारी आवास के रूप में आवंटित किया गया था। 10 वर्षों से किराया नहीं मिला रिम्स प्रशासन के अनुसार, बंगला अलॉट होने के 10 वर्षों में एक बार भी किराया जमा नहीं किया गया। इसे लेकर रिम्स निदेशक ने पूर्व में राज्य सरकार को पत्र लिखकर बंगला खाली कराने के साथ-साथ अलॉटमेंट की तिथि से अब तक का बकाया किराया वसूलने की मांग की थी। रिम्स परिसर स्थित केली बंगला नंबर-2 आखिरकार खाली करा लिया गया। हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी आशीष सिंहमार के नाम से अलॉट यह बंगला उनके झारखंड से जाने के बाद खाली नहीं कराया जा सका था। शनिवार को बंगले के बाहर लगा नेम प्लेट और बोर्ड हटा लिए गए, वहीं मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ पाया गया। सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह बंगला खाली कराया गया। आईएएस सिंहमार मार्च 2014 में प्रतिनियुक्ति पर झारखंड आए थे। यहां उन्हें एनआरएचएम का अभियान निदेशक बनाया गया था। इसी दौरान उन्हें रिम्स का केली बंगला नंबर-2 सरकारी आवास के रूप में आवंटित किया गया था। 10 वर्षों से किराया नहीं मिला रिम्स प्रशासन के अनुसार, बंगला अलॉट होने के 10 वर्षों में एक बार भी किराया जमा नहीं किया गया। इसे लेकर रिम्स निदेशक ने पूर्व में राज्य सरकार को पत्र लिखकर बंगला खाली कराने के साथ-साथ अलॉटमेंट की तिथि से अब तक का बकाया किराया वसूलने की मांग की थी।


