स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों में लगा पटना नगर निगम:नाला उड़ाही के लिए विशेष टीम बनाया, सभी अंचल से किया जा रहा पानी का सैंपल कलेक्ट

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों में लगा पटना नगर निगम:नाला उड़ाही के लिए विशेष टीम बनाया, सभी अंचल से किया जा रहा पानी का सैंपल कलेक्ट

पटना नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों में लगी हुई है। इसे लेकर नगर निगम क्षेत्र के सभी प्रमुख और बड़े नालों की उड़ाही और सफाई का काम 31 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। नाला उड़ाही का काम प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शुरू किया जाएगा। इस काम के निगरानी के लिए निगम स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि है कि इस काम को निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा कर लिया जाए। नाला उड़ाही के लिए विशेष टीमों का किया गठन नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख और बड़े नालों के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक, सिटी मैनेजर, जूनियर इंजीनियर, कार्यपालक अभियंता और कार्यपालक पदाधिकारियों की विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीम नाला उड़ाही कार्यों की नियमित निगरानी, समन्वय और गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। मुख्य और बड़े नाले में सैदपुर नाला, आनंदपुरी नाला, कुर्जी नाला/ राजीव नगर नाला, मंदिरी नाला, सरपेंटाइन नाला, बाकरगंज नाला, बाईपास नाला, योगीपुर नाला और सिटी मोट नाला शामिल है। सभी अंचल से किया जा रहा पानी का सैंपल कलेक्ट वहीं, पटना नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी वार्डों के जलापूर्ति की व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसके लिए सभी अंचल से सैंपल कलेक्ट किया जा रहा है। जूनियर इंजीनियर एवं जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्थलों पर जाकर जांच करें और जल के नमूने संग्रहित कर गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करें। निगम के अनुसार, जांच में पानी की गुणवत्ता सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गयी है। पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पहचान की जा रही पटना नगर निगम द्वारा समय-समय पर सर्वेक्षण कर पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पहचान की जाती है और उनका नवीनीकरण भी किया जाता है। इसके साथ ही, नालों के समीप से गुजर रही जलापूर्ति पाइपलाइनों की नियमित मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाता है, ताकि जल की गुणवत्ता बनी रहे। इसके अतिरिक्त निगम अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया गया। पटना नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों में लगी हुई है। इसे लेकर नगर निगम क्षेत्र के सभी प्रमुख और बड़े नालों की उड़ाही और सफाई का काम 31 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। नाला उड़ाही का काम प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शुरू किया जाएगा। इस काम के निगरानी के लिए निगम स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि है कि इस काम को निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा कर लिया जाए। नाला उड़ाही के लिए विशेष टीमों का किया गठन नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख और बड़े नालों के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक, सिटी मैनेजर, जूनियर इंजीनियर, कार्यपालक अभियंता और कार्यपालक पदाधिकारियों की विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीम नाला उड़ाही कार्यों की नियमित निगरानी, समन्वय और गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। मुख्य और बड़े नाले में सैदपुर नाला, आनंदपुरी नाला, कुर्जी नाला/ राजीव नगर नाला, मंदिरी नाला, सरपेंटाइन नाला, बाकरगंज नाला, बाईपास नाला, योगीपुर नाला और सिटी मोट नाला शामिल है। सभी अंचल से किया जा रहा पानी का सैंपल कलेक्ट वहीं, पटना नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी वार्डों के जलापूर्ति की व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसके लिए सभी अंचल से सैंपल कलेक्ट किया जा रहा है। जूनियर इंजीनियर एवं जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्थलों पर जाकर जांच करें और जल के नमूने संग्रहित कर गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करें। निगम के अनुसार, जांच में पानी की गुणवत्ता सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गयी है। पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पहचान की जा रही पटना नगर निगम द्वारा समय-समय पर सर्वेक्षण कर पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पहचान की जाती है और उनका नवीनीकरण भी किया जाता है। इसके साथ ही, नालों के समीप से गुजर रही जलापूर्ति पाइपलाइनों की नियमित मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाता है, ताकि जल की गुणवत्ता बनी रहे। इसके अतिरिक्त निगम अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया गया।  

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