संभल में ‘कल्कि संभल’ फिल्म के निर्माता अमित जानी ने महाराष्ट्र कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा राहुल गांधी की भगवान श्रीराम से तुलना किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस तुलना को ‘चाटुकारिता की पराकाष्ठा’ बताया है। जानी ने कहा कि यह चाटुकारिता का चरम है, जहां लोगों को ‘हराम और राम’ में कोई फर्क नजर नहीं आता। उन्होंने राहुल गांधी की वंशावली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी वंशावली का ज्ञान नहीं है। उन्होंने पूछा, “तुम्हारी मम्मी कहां से हैं, तुम्हारे पिताजी गांधी कैसे थे, उनके पिता फिरोज खान थे।” जानी ने तर्क दिया कि सोनिया गांधी की कोख से जन्म लेने वाले और राजीव गांधी (जिनके पिता फिरोज खान थे) के पुत्र राहुल गांधी राम कैसे हो सकते हैं, जबकि राम की एक निश्चित वंशावली है। अमित जानी ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या उन्हें रामचरितमानस की एक भी चौपाई याद है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राहुल गांधी बिना गूगल किए राजा दशरथ के चारों पुत्रों और राम जी की माता का नाम बता सकते हैं। जानी ने इस तुलना को ‘बेशर्मी’ करार देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी राम हैं, तो सोनिया गांधी को कौशल्या कहना पड़ेगा। जानी ने आगे कहा कि राहुल गांधी के भाग्य में राम मंदिर जाना नहीं है, क्योंकि राम के दरबार में केवल राम भक्त ही जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को ‘जॉम्बीज’ और देश में दंगा करने वाले पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, रोहिंग्या के ‘सरपरस्त’ बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर तोड़ने वालों और राम को गाली देने वालों के नेता राम मंदिर नहीं जाएंगे। जानी के अनुसार, राहुल गांधी को वहां से बुलावा ही नहीं आएगा, भले ही सरकार ने शिष्टाचार के तहत उन्हें आमंत्रित किया हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर वही जाएंगे जिन्हें राम बुलाएंगे, और राम इन्हें कभी नहीं बुलाएंगे।


