ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति ने नए साल की पहली पूर्णिमा पर भंडारे का आयोजन किया। यह कार्यक्रम लेखराज मेट्रो स्टेशन स्थित शिव शक्ति शनिदेव मंदिर परिसर में हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन की मुख्य आयोजक सपना गोयल थीं, और इसका मूल संदेश ‘सेवा परमो धर्म’ था। सपना गोयल ने बताया कि सुंदरकांड केवल एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि एक सुंदर विश्व की प्रेरणा है। उनके अनुसार, सुंदरकांड के संदेश में मानवता, करुणा और सकारात्मक सोच निहित है। उन्होंने जोर दिया कि जब मन सुंदर होगा, तभी समाज और विश्व भी सुंदर बन पाएगा। 4 जनवरी को गोंडा में कंबल वितरण समिति हर वर्ष 21 दिसंबर को सपना गोयल के जन्मदिन के उपलक्ष्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ आयोजित करती है। इस अभियान के तहत लखनऊ और आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों में गरीब व जरूरतमंदों को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरित किए जाते हैं। इसी कड़ी में, 4 जनवरी को गोंडा में कंबल वितरण किया जाएगा, और संक्रांति के अवसर पर किसान पथ के गांवों में भी सेवा कार्य प्रस्तावित है। सपना गोयल ने यह भी बताया कि जनवरी के अंत में कानपुर में पांच हजार महिलाओं द्वारा एक विशाल सुंदरकांड अनुष्ठान का आयोजन प्रस्तावित है। समिति का लक्ष्य भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए समिति प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ कराती है, और प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया जाता है। 11 सितंबर सें श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सुंदरकांड समिति ने बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं द्वारा सामूहिक सुंदरकांड का सफल आयोजन किया था। बीते वर्ष 11 सितंबर से अयोध्या में प्रभु श्रीराम जन्मभूमि परिसर में मासिक सुंदरकांड का आयोजन प्रारंभ हुआ था। समिति उत्तर प्रदेश के बीस जिलों में सामूहिक सुंदरकांड आयोजित कर ‘जिलों से दिलों तक जोड़ने’ का कार्य कर रही है।


