Candida Auris: भारत जैसे विकासशील देश में, जहां बीमारियों का खतरा इतना ज्यादा है कि लगभग हर घर में कोई न कोई बीमार रहता है, वहां सावधानी और भी जरूरी है। बीमारी की स्थिति में हम अस्पताल जाते हैं, लेकिन सोचिए अगर अस्पताल में ही हमें कोई जानलेवा बीमारी मिल जाए तो हम कहां जाएंगे? कैंडिडा ऑरिस एक ऐसा ही फंगस है जो हमें अस्पताल से मिल सकता है। अमरीका जैसे विकसित देश में जब यह बीमारी इतना कहर ढा रही है, तो भारत में इसके फैलने पर स्थिति चिंताजनक हो सकती है।
अमरीका से लेकर भारत तक की स्वास्थ्य एजेंसियां इस संक्रमण को लेकर गहन चिंता में हैं, क्योंकि यह मरीज के शरीर में चुपके से घुसकर फेफड़ों और अन्य अंगों को खराब कर देता है। आइए डॉक्टर संदीप जोशी से जानते हैं कि यह बीमारी इतनी खतरनाक क्यों है और इससे बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए।
क्या है कैंडिडा ऑरिस?(Candida Auris)
कैंडिडा ऑरिस एक बेहद खतरनाक फंगस है जो अस्पताल को ही अपना घर बनाता है। जहां मरीज ठीक होने आता है, वहीं यह उन पर आक्रमण कर देता है। यह फंगस बहुत शातिर होता है और सबसे ज्यादा ICU में पनपता है। इसे ‘सुपरबग’ कहा गया है क्योंकि बाजार की एंटीफंगल दवाएं भी अक्सर इस पर बेअसर साबित होती हैं।
शरीर पर कैंडिडा ऑरिस का असर(Candida Auris Effect)
- यह फंगस शरीर में प्रवेश करके खून में धीमा जहर घोलता है।
- यह इतना खतरनाक होता है कि इससे शरीर के अंग फेल हो सकते हैं।
- सही समय पर इलाज न होने पर यह मरीज की जान ले सकता है।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?(Candida Auris Danger)
- ICU में भर्ती मरीज जो गंभीर स्थिति में हैं।
- कैंसर से पीड़ित मरीज।
- वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बहुत कमजोर है।
- कोरोना के वे मरीज जो लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रह चुके हैं।
बचाव के तरीके(Candida Auris Prevention)
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स का सेवन न करें।
- बार-बार अपने हाथ धोएं।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- अस्पताल जाते समय मास्क जरूर पहनें।


