गयाजी में जमीन के लिए 1 करोड़ से ज्यादा ऐंठे:रिटायरमेंट के रुपए निवेश कराने का झांसा देकर ठगी, एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं

गयाजी में जमीन के लिए 1 करोड़ से ज्यादा ऐंठे:रिटायरमेंट के रुपए निवेश कराने का झांसा देकर ठगी, एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं

गया में जमीन की बिक्री के नाम पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई। पीड़िता कविता चौधरी ने मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज कराया है, लेकिन केस दर्ज होने के 2 माह बाद भी नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर टालमटोल कर रही है। कविता चौधरी जहानाबाद जिले के काको प्रखंड के पिंजौरा गांव की रहने वाली है। उनके पति मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। कविता का मायका गया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बाराडीह में है। पीड़िता के पति प्रशांत कुमार के अनुसार, उनके ससुर गोपाल चौधरी के रिटायरमेंट के बाद मिले पैसों को जमीन में निवेश कराने का झांसा देकर ब्रोकर कुनाल कुमार ने सलेमपुर गांव में जमीन दिखाई। जमीन को व्यवसायिक बताते हुए एग्रीमेंट कराया गया।आरोप है कि 3 अप्रैल 2024 को एक हजार रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट हुआ। उसी दिन 25 लाख रुपये ले लिए गए। छह महीने में रजिस्ट्री का भरोसा दिया गया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में कुल 60 लाख रुपए लिए गए। रजिस्ट्री की तारीख बार-बार बढ़ाई जाती रही। फिर 10 जुलाई 2025 को तीन चेक से 37 लाख और 3 लाख नगद भी ले लिए गए। इस तरह एक करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम हड़प ली गई। जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, वह पहले ही किसी और को बेच दी गई पीड़िता के पति का आरोप है कि जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, वह पहले ही किसी और को बेच दी गई थी। इसकी जानकारी छिपाकर उनके नाम दूसरी जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई, जो न तो एग्रीमेंट के मुताबिक थी और न ही उनकी सहमति के अनुसार। यह ही नहीं जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई उसका म्यूटेशन कराने गए तो वह जमीन किसी और के नाम निकली। म्यूटेशन नहीं हो सका। ब्रोकर ने इस जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी अलग से 4 लाख रुपए लिए। जब पूरे खेल का खुलासा हुआ तो लोकल थाने में शिकायत की गई। 24 अक्टूबर 2025 को वरीय पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई गई। इसके बाद मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज हुआ। इसी बीच आरोपी कुनाल कुमार पर जाति सूचक गाली देने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित ने फोन कॉल का रिकॉर्ड होने का दावा किया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग सवाल यह है कि इतना बड़ा मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़िता के पति प्रशांत कुमार का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो, ठगी की रकम वापस कराई जाए और धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इधर मुफस्सिल एसएचओ एसके द्विवेदी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है। पुलिस इस मामले में आरोपी पर नजर बराबर बनाए है। शीघ्र ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी। गया में जमीन की बिक्री के नाम पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई। पीड़िता कविता चौधरी ने मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज कराया है, लेकिन केस दर्ज होने के 2 माह बाद भी नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर टालमटोल कर रही है। कविता चौधरी जहानाबाद जिले के काको प्रखंड के पिंजौरा गांव की रहने वाली है। उनके पति मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। कविता का मायका गया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बाराडीह में है। पीड़िता के पति प्रशांत कुमार के अनुसार, उनके ससुर गोपाल चौधरी के रिटायरमेंट के बाद मिले पैसों को जमीन में निवेश कराने का झांसा देकर ब्रोकर कुनाल कुमार ने सलेमपुर गांव में जमीन दिखाई। जमीन को व्यवसायिक बताते हुए एग्रीमेंट कराया गया।आरोप है कि 3 अप्रैल 2024 को एक हजार रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट हुआ। उसी दिन 25 लाख रुपये ले लिए गए। छह महीने में रजिस्ट्री का भरोसा दिया गया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में कुल 60 लाख रुपए लिए गए। रजिस्ट्री की तारीख बार-बार बढ़ाई जाती रही। फिर 10 जुलाई 2025 को तीन चेक से 37 लाख और 3 लाख नगद भी ले लिए गए। इस तरह एक करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम हड़प ली गई। जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, वह पहले ही किसी और को बेच दी गई पीड़िता के पति का आरोप है कि जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, वह पहले ही किसी और को बेच दी गई थी। इसकी जानकारी छिपाकर उनके नाम दूसरी जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई, जो न तो एग्रीमेंट के मुताबिक थी और न ही उनकी सहमति के अनुसार। यह ही नहीं जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई उसका म्यूटेशन कराने गए तो वह जमीन किसी और के नाम निकली। म्यूटेशन नहीं हो सका। ब्रोकर ने इस जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी अलग से 4 लाख रुपए लिए। जब पूरे खेल का खुलासा हुआ तो लोकल थाने में शिकायत की गई। 24 अक्टूबर 2025 को वरीय पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई गई। इसके बाद मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज हुआ। इसी बीच आरोपी कुनाल कुमार पर जाति सूचक गाली देने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित ने फोन कॉल का रिकॉर्ड होने का दावा किया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग सवाल यह है कि इतना बड़ा मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़िता के पति प्रशांत कुमार का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो, ठगी की रकम वापस कराई जाए और धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इधर मुफस्सिल एसएचओ एसके द्विवेदी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है। पुलिस इस मामले में आरोपी पर नजर बराबर बनाए है। शीघ्र ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी।  

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