ग्रामीणों ने बड़े पुल की मांग पर सड़क निर्माण रोकी:किशनगंज में महानंदा पुल के पास कार्य बाधित, पांच मीटर का है प्रस्तावित ब्रीज

ग्रामीणों ने बड़े पुल की मांग पर सड़क निर्माण रोकी:किशनगंज में महानंदा पुल के पास कार्य बाधित, पांच मीटर का है प्रस्तावित ब्रीज

किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत छैतल पंचायत के गेदडी में ग्रामीणों ने बांस के पुल को अवरुद्ध कर दिया। वे एक बड़े पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क चरण तीन के तहत महानंदा पुल के समीप से दोगच्छी तेतलगूडी तक बन रही सड़क का निर्माण कार्य रुक गया है। ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल टू द्वारा निर्मित की जा रही यह 8.590 किलोमीटर लंबी सड़क 9 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बन रही है। इसका निर्माण कार्य टाप लाइन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि., कटिहार द्वारा किया जा रहा है। पांच मीटर का है प्रस्तावित पुल ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में बना पुराना पुल 10 मीटर लंबा और चार बॉक्स का है, जबकि संवेदक द्वारा प्रस्तावित पुल केवल पांच मीटर का है। पूर्व मुखिया मुस्ता हसन उर्फ प्रिंस, मो. हबीब, फिरोज आलम, वार्ड सदस्य शोयेब आलम और रहीमुद्दीन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि महानंदा नदी समीप होने के कारण प्रत्येक बरसात में सैकड़ों एकड़ में लगी फसलों को नुकसान होता है। यह मार्ग ठाकुरगंज के पश्चिमी क्षेत्र के पौआखाली, बरचौंधी, जीरनगच्छ, बहादुरगंज और पोठिया, बंगाल के इस्लामपुर के लोगों और वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों के अनुसार, पुराने पुल की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिससे वाहन चालक अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने ‘पहले पुल तो फिर काम’ का नारा लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, वे मार्ग अवरुद्ध रखेंगे। पुल की मांग पर अड़े रहे ग्रामीण ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल टू के ब्लॉक टू के कनीय अभियंता सीजिम महाराणा कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि डीपीआर में जिस पुल का प्रावधान है, उसी का निर्माण होगा। हालांकि, ग्रामीणों के बड़े पुल की मांग पर अड़े रहने के बाद उन्होंने लिखित शिकायत करने को कहा, ताकि विभाग को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके। उन्होंने स्वीकार किया कि सर्वे में गलती हुई है, लेकिन यह भी बताया कि इस सड़क के टेंडर के बाद उनकी तैनाती हुई है। किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत छैतल पंचायत के गेदडी में ग्रामीणों ने बांस के पुल को अवरुद्ध कर दिया। वे एक बड़े पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क चरण तीन के तहत महानंदा पुल के समीप से दोगच्छी तेतलगूडी तक बन रही सड़क का निर्माण कार्य रुक गया है। ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल टू द्वारा निर्मित की जा रही यह 8.590 किलोमीटर लंबी सड़क 9 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बन रही है। इसका निर्माण कार्य टाप लाइन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि., कटिहार द्वारा किया जा रहा है। पांच मीटर का है प्रस्तावित पुल ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में बना पुराना पुल 10 मीटर लंबा और चार बॉक्स का है, जबकि संवेदक द्वारा प्रस्तावित पुल केवल पांच मीटर का है। पूर्व मुखिया मुस्ता हसन उर्फ प्रिंस, मो. हबीब, फिरोज आलम, वार्ड सदस्य शोयेब आलम और रहीमुद्दीन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि महानंदा नदी समीप होने के कारण प्रत्येक बरसात में सैकड़ों एकड़ में लगी फसलों को नुकसान होता है। यह मार्ग ठाकुरगंज के पश्चिमी क्षेत्र के पौआखाली, बरचौंधी, जीरनगच्छ, बहादुरगंज और पोठिया, बंगाल के इस्लामपुर के लोगों और वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों के अनुसार, पुराने पुल की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिससे वाहन चालक अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने ‘पहले पुल तो फिर काम’ का नारा लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, वे मार्ग अवरुद्ध रखेंगे। पुल की मांग पर अड़े रहे ग्रामीण ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल टू के ब्लॉक टू के कनीय अभियंता सीजिम महाराणा कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि डीपीआर में जिस पुल का प्रावधान है, उसी का निर्माण होगा। हालांकि, ग्रामीणों के बड़े पुल की मांग पर अड़े रहने के बाद उन्होंने लिखित शिकायत करने को कहा, ताकि विभाग को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके। उन्होंने स्वीकार किया कि सर्वे में गलती हुई है, लेकिन यह भी बताया कि इस सड़क के टेंडर के बाद उनकी तैनाती हुई है।  

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