नए साल पर लगे जाम की CP ने की समीक्षा:बैठक में सामने आया न्यू ईयर के दिन लखनऊ की सड़कों पर 5 लाख लोग और 1 लाख वाहन बने कारण

नए साल पर लगे जाम की CP ने की समीक्षा:बैठक में सामने आया न्यू ईयर के दिन लखनऊ की सड़कों पर 5 लाख लोग और 1 लाख वाहन बने कारण

लखनऊ में नए साल के जश्न में उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण लगे जाम को लेकर पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में जाम के कारणों और भविष्य में इससे निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई। समीक्षा में सामने आया कि नए साल पर करीब 5 लाख से ज्यादा लोग और 1 लाख वाहन शहर की सड़कों पर थे। जिससे यातायात का दबाव बेकाबू हो गया। एक किलोमीटर में चार बड़े मंदिर, मेलों से बढ़ा दबाव समीक्षा में बताया गया कि एक किलोमीटर के दायरे में हनुमान सेतु, खाटूश्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा कतकी मेला और उत्तरायणी मेला भी चल रहा था। इस कारण परिवर्तन चौक और नदवा बंधा मोड़ पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव रहा। यह इलाका घनी आबादी वाला है और सड़कें संकरी हैं, जिससे सामान्य दिनों में भी जाम की स्थिति बनी रहती है। चिड़ियाघर में भीड़ इतनी बढ़ी कि काउंटर बंद करने पड़े पुलिस के मुताबिक चिड़ियाघर में अत्यधिक भीड़ पहुंचने के कारण टिकट काउंटर तक बंद करने पड़े। गुरुवार को हालात ऐसे हो गए कि लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में बार-बार लगने वाले जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस को 10 अतिरिक्त रेसर मोबाइल बाइक और 42 दरोगा तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। अवसर विशेष डायवर्जन मैप होगा तैयार बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश दिए गए। तय किया गया कि समय से डायवर्जन प्लान और अवसर विशेष डायवर्जन मैप तैयार किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल और मोबाइल ड्यूटी लगाई जाएगी। पार्किंग स्थलों से अलग-अलग मार्गों से प्रवेश और निकास की व्यवस्था होगी, ताकि एक ही सड़क पर दबाव न पड़े। नो-पार्किंग में खड़े वाहन उठेंगे, बढ़ेगी क्रेन की संख्या नो-पार्किंग जोन में सख्ती से नियम लागू कराने के लिए अतिरिक्त क्रेन वाहन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क किनारे वाहन खड़े करने वाले इलाकों को चिन्हित कर वहां से गाड़ियां उठाई जाएंगी। ट्रैफिक मार्शल नहीं तो कार्यक्रम की अनुमति नहीं समीक्षा बैठक में साफ किया गया कि किसी भी आयोजन में पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक मार्शल तैनात करना अनिवार्य होगा। यदि आयोजक ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी नहीं लगाएगा तो कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। रोड इंजीनियरिंग सुधार पर भी जोर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और एलडीए के साथ समन्वय कर रोड इंजीनियरिंग सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रीन कॉरिडोर मार्गों का भ्रमण कर समीक्षा की जाएगी, ताकि इससे जुड़े अन्य रास्तों पर दबाव न बढ़े।

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