बुलंदशहर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 7 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवानंद ने सुनाया। अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म के तहत दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा जान से मारने की धमकी के तहत आरोपी को 3 साल के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है। 2023 का मामला अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ध्रुव कुमार वर्मा ने बताया कि यह मामला वर्ष 2023 का है। पीड़िता के परिजनों ने अहमदगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे धारा 376 के तहत 17 दिन, धारा 506 के तहत 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पीड़िता को मिलेगा मुआवजा न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आदेश दिया है कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रदान की जाए, ताकि उसे न्यायिक राहत मिल सके।


