गयाजी के खिजरसराय कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में शुक्रवार को हेल्थ मैनेजर ड्यूटी से गायब मिले। दरअसल, एसडीएम केशव आनंद शुक्रवार को सीएचसी में अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान पता चला कि हेल्थ मैनेजर मुरारी प्रसाद सिंह नहीं आए हैं। जब एसडीएम ने इस संबंध में कर्मियों से बातचीत की तो पता चला कि मुरारी प्रसाद सिंह पिछले कई दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। सीएचसी में मौजूद मरीजों और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार एसडीएम को हेल्थ मैनेजर के गायब होने की जानकारी मिल रही थी। शिकायतों के मिलने के बाद आज एसडीएम खुद निरीक्षण के लिए सीएचसी पहुंच गए। इस दौरान कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि हेल्थ मैनेजर की गैरहाजिरी से अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। फाइलों का काम रुका है। योजनाओं का भुगतान अटका है। जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। सीएचसी में पिछले 10 दिनों से पानी की भी गंभीर समस्या कर्मियों ने बताया कि अस्पताल में पिछले 10 दिनों से पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। मरीजों से लेकर स्टाफ तक बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी पहले भी दी गई थी। लेकिन हेल्थ मैनेजर ने कोई पहल नहीं की। हालांकि प्रभारी डॉक्टर मीना राय के आवेदन के बाद एसडीएम ने पीएचईडी के JE, AE और EE को पानी की समस्या जल्द दूर करने का निर्देश दिया है। प्रसव कराने वाली महिलाओं को एक साल से सरकारी प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिली अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हेल्थ मैनेजर की कथित मनमानी और लापरवाही से सबसे ज्यादा नुकसान मरीजों को हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रसव कराने वाली महिलाओं को पिछले एक साल से सरकारी प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। फरवरी 2024 से गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली ₹1400 की राशि अब तक लंबित है। इससे गरीब और जरूरतमंद महिलाओं में भारी नाराजगी है। खिजरसराय के कई उप स्वास्थ्य केंद्रों को मनमाने तरीके से बंद कराने का आरोप इतना ही नहीं, खिजरसराय प्रखंड के कई उप-स्वास्थ्य केंद्रों को मनमाने ढंग से बंद कराए जाने के भी आरोप सामने आए हैं। इससे दूर-दराज के गांवों के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हेल्थ मैनेजर के अस्पताल नहीं आने के बावजूद उनकी उपस्थिति रजिस्टर में नियमित तौर पर दर्ज की जाती रही है। यानी कागजों में सब कुछ ठीक, जबकि हकीकत में व्यवस्था पूरी तरह फेल। एसडीएम केशव आनंद ने बताया कि हेल्थ मैनेजर के खिलाफ पहले से शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट सिविल सर्जन और जिला पदाधिकारी को भेजी जा रही है। जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। गयाजी के खिजरसराय कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में शुक्रवार को हेल्थ मैनेजर ड्यूटी से गायब मिले। दरअसल, एसडीएम केशव आनंद शुक्रवार को सीएचसी में अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान पता चला कि हेल्थ मैनेजर मुरारी प्रसाद सिंह नहीं आए हैं। जब एसडीएम ने इस संबंध में कर्मियों से बातचीत की तो पता चला कि मुरारी प्रसाद सिंह पिछले कई दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। सीएचसी में मौजूद मरीजों और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार एसडीएम को हेल्थ मैनेजर के गायब होने की जानकारी मिल रही थी। शिकायतों के मिलने के बाद आज एसडीएम खुद निरीक्षण के लिए सीएचसी पहुंच गए। इस दौरान कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि हेल्थ मैनेजर की गैरहाजिरी से अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। फाइलों का काम रुका है। योजनाओं का भुगतान अटका है। जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। सीएचसी में पिछले 10 दिनों से पानी की भी गंभीर समस्या कर्मियों ने बताया कि अस्पताल में पिछले 10 दिनों से पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। मरीजों से लेकर स्टाफ तक बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी पहले भी दी गई थी। लेकिन हेल्थ मैनेजर ने कोई पहल नहीं की। हालांकि प्रभारी डॉक्टर मीना राय के आवेदन के बाद एसडीएम ने पीएचईडी के JE, AE और EE को पानी की समस्या जल्द दूर करने का निर्देश दिया है। प्रसव कराने वाली महिलाओं को एक साल से सरकारी प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिली अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हेल्थ मैनेजर की कथित मनमानी और लापरवाही से सबसे ज्यादा नुकसान मरीजों को हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रसव कराने वाली महिलाओं को पिछले एक साल से सरकारी प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। फरवरी 2024 से गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली ₹1400 की राशि अब तक लंबित है। इससे गरीब और जरूरतमंद महिलाओं में भारी नाराजगी है। खिजरसराय के कई उप स्वास्थ्य केंद्रों को मनमाने तरीके से बंद कराने का आरोप इतना ही नहीं, खिजरसराय प्रखंड के कई उप-स्वास्थ्य केंद्रों को मनमाने ढंग से बंद कराए जाने के भी आरोप सामने आए हैं। इससे दूर-दराज के गांवों के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हेल्थ मैनेजर के अस्पताल नहीं आने के बावजूद उनकी उपस्थिति रजिस्टर में नियमित तौर पर दर्ज की जाती रही है। यानी कागजों में सब कुछ ठीक, जबकि हकीकत में व्यवस्था पूरी तरह फेल। एसडीएम केशव आनंद ने बताया कि हेल्थ मैनेजर के खिलाफ पहले से शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट सिविल सर्जन और जिला पदाधिकारी को भेजी जा रही है। जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।


