न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने दिल्ली दंगों के कारण जेल में बंद छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद को हाथ से लिखी एक चिट्ठी भेजी है। यह चिट्ठी ममदानी के 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के बाद सामने आया है। लेटर में ममदानी ने उमर के लिए एकजुटता और समर्थन जताया। लेटर में ममदानी ने लिखा, “प्रिय उमर, मैं अक्सर तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें तुमने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने की बात कही थी। तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं।” यह नोट दिसंबर 2025 में खालिद के माता-पिता की अमेरिका यात्रा के दौरान लिखा गया। खालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी से मुलाकात की थी खालिद के माता-पिता उस समय अमेरिका गए थे। दरअसल, उनकी सबसे छोटी बेटी की शादी होने वाली थी और वहां रहने वाली उनकी बड़ी बेटी शादी में शामिल नहीं हो पा रही थी, इसलिए वे उनसे मिलने गए थे। खालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने बताया कि उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी के साथ काफी समय बिताया और उमर की जेल में बंदी की स्थिति पर चर्चा की। यह पत्र सामने आने के साथ ही मामदानी का उमर खालिद के लिए समर्थन भी चर्चा में आ गया है। 2023 में ममदानी ने खालिद का लेटर पढ़ा था जोहरान ममदानी जून 2023 में न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान खालिद के जेल से लिखे लेटर के अंश पढ़ चुके हैं। उस समय उन्होंने बताया था कि खालिद को बिना मुकदमे के लंबी अवधि तक हिरासत में रखा गया है, जो न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना है। खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत कई आरोप लगाए गए हैं। ममदानी का 2 साल पुराना वीडियो वायरल ममदानी का उमर खालिद की डायरी पढ़ने वाला वीडियो 2023 में हुए ‘हाउडी डेमोक्रेसी’ इवेंट का है। ममदानी मंच से कहते हैं, “मैं उमर खालिद का लिखी एक चिट्ठी पढ़ने जा रहा हूं। वे JNU के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट हैं, जिन्होंने भीड़ हिंसा और नफरत के खिलाफ कैंपेन चलाया था। वे अब तक 1000 दिनों से ज्यादा वक्त से जेल में हैं। उन पर UAPA कानून के तहत मामला चल रहा है, लेकिन अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ। उनकी जमानत कई बार खारिज की जा चुकी है और उन पर एक बार जानलेवा हमला भी हो चुका है।”
न्यूयॉर्क के मेयर ने उमर खालिद के नाम लेटर लिखा:ममदानी बोले- तुम्हारे बारे मैं सोचता हूं; दो साल पहले खालिद की चिठ्ठी पढ़ी थी


