आजमगढ़ जिले में एडिशनल कमिश्नर की फर्जी दस्तखत और मुहर लगाकर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में एडिशनल कमिश्नर कार्यालय में तैनात लिपिक चंद्रमा प्रसाद की तहरीर पर जिले के सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि उप जिलाधिकारी सदर आजमगढ़ द्वारा सूरज कुमार थाना जहानगंज के मामले को लेकर एडिशनल कमिश्नर प्रशासन से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान बुधीराम पुत्र सुभाराम ने मोबाइल नंबर पर 24 दिसंबर 2025 में पारित आदेश को दिखाया गया। जिसपर उप जिलाधिकारी, एसओ (जे) को आदेश अंकित किया गया है कि गाटा नेजाई के बावत वाद न्यायालय में विचाराधीन है। अतः आवेदक के गाटा नेजाई में हो रहे अवैध निर्माण को रोकें। शांति व्यवस्था कायम रखें। इस पर हस्ताक्षर करके अपर आयुक्त, आजमगढ मण्डल, आजमगढ़ की मुहर लगायी गयी है। अपर आयुक्त, प्रशासन द्वारा आदेश देखकर कहा गया कि उक्त आदेश पर न तो उनके हस्ताक्षर हैं और न ही अपर आयुक्त न्यायिक के हैं। और न ही आयुक्त के हस्ताक्षर हैं। यह आदेश पूरी तरह से फर्जी है। और इसकी हैण्ड राइटिंग भी कमिश्नरी के किसी अधिकारी की हैण्ड राइटिंग से मेल नहीं खा रही है। उक्त प्रार्थनापत्र जिसपर यह फर्जी आदेश अंकित किया गया है। को इस कार्यालय के आईजीआरएस पोर्टल अथवा शिकायती रजिस्टर पर भी दर्ज नहीं है। 5000 लेकर आदेश कराने का आरोप इस सम्बन्ध में उक्त सूरज कुमार द्वारा नोटरी शपथ पत्र 1-1-2026 प्रस्तुत किया गया है। जिसमें कहा गया है कि नेता मनोज कुमार श्रीवास्तव निवासी ग्राम सुरहरपुर, थाना व तहसील मुहम्मदाबाद जनपद मऊ द्वारा रूपये 5000 लेकर यह आदेश कराकर उन्हें दिया गया है। उक्त के दृष्टिगत अपर आयुक्त की मुहर लगाकर अपर आयुक्त के फर्जी आदेश अंकित करने वाले के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश अपर आयुक्त, प्रशासन, आजमगढ़ द्वारा दिया गया है। अतः सूरज कुमार पुत्र बुधिराम द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र और उक्त प्रार्थना पत्र पर पारित फर्जी आदेश 24-12-2025 मूलरूप में संलग्न कर इस आशय से प्रेषित है कि कृपया एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।


