रतलाम. मध्य प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर रतलाम अब केवल कृषि और पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्रीन एनर्जी और संतुलित औद्योगिक विकास विज़न को ज़मीन पर उतारते हुए गुजरात की प्रमुख सौर ऊर्जा कंपनी हेक्साट्रॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को रतलाम के औद्योगिक निवेश क्षेत्र में 61 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है। कंपनी रतलाम में लगभग 1700 करोड़ रुपये के निवेश से सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर और बैटरी सिस्टम निर्माण की बड़ी इकाई स्थापित करेगी। परियोजना के लिए भूमि आवंटन के साथ ही अब निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
हैक्साट्रॉन के इस उद्योग 0में सोलर पीवी मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी स्टोरेज सिस्टम और अन्य सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। कंपनी की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 200 मेगावाट से अधिक रहेगी। यह यूनिट केंद्र सरकार की एएलएमएम लिस्ट के अनुरूप होगी, जिससे सरकारी परियोजनाओं में उत्पादों की आपूर्ति संभव हो सकेगी। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यूनिट को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और 2026-27 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हैक्साट्रॉन की यह परियोजना राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को भी समर्थन देगी। मध्य प्रदेश सरकार ने 2030 तक 35 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। रतलाम में स्थापित होने वाली यह यूनिट घरेलू सौर उपकरण निर्माण को बढ़ावा देगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।
बदल जाएगी जिले की अर्थव्यवस्था
इस परियोजना से लगभग 3000 प्रत्यक्ष रोजगार और 5000 से 10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। अप्रत्यक्ष रोजगार में ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, मेंटेनेंस और अन्य सहायक सेवाएं शामिल होंगी। स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और अर्ध-तकनीकी स्तर पर अवसर उपलब्ध होंगे। योग्य मेनफोर्स तैयार करने के लिए जिले में ही स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के अनुसार जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। हैक्साट्रान की यह परियोजना न सिर्फ जिले की आर्थिक दिशा बदलेगी, बल्कि मालवा अंचल को देश के प्रमुख सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगी।
2020 में किया था गुजरात में काम शुरू
हैक्साट्रॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड की नींव 8 दिसंबर 2020 को गुजरात के कच्छ जिले के अंजार में रखी गई थी। कंपनी ने गुजरात में 100 मेगावाट के सौर प्रोजेक्ट्स (जैसे अमीरगढ़, चोरिवाड़, हिम्मतनगर) पूरे किए हैं। इसके अलावा, फ्लोटिंग सौर पार्क और हाइब्रिड सिस्टम में नवाचार कर रही है।
कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार का फोकस बड़े शहरों के साथ-साथ क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्रों को विकसित करने पर है, जिसमें मालवा अंचल को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। रतलाम निवेश क्षेत्र लगभग 1800 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह क्षेत्र दिल्ली–मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे के पास स्थित है, जिससे लॉजिस्टिक्स और बाजार तक पहुंच आसान होती है। यही कारण है कि बड़े निवेशक इस क्षेत्र में रुचि दिखा रहे हैं। आईआर में अब तक पांच औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन और निवेश की मंजूरी दे दी है, जिनसे कुल प्रस्तावित निवेश 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। रतलाम निवेश क्षेत्र को मालवा अंचल के औद्योगिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि उज्जैन, मंदसौर, झाबुआ और आसपास के जिलों को भी इसका लाभ मिल सके।
– चेतन्य काश्यप, रतलाम विधायक व मंत्र मप्र शासन
बनेगा मजबूत ईकोसिस्टम
हैक्साट्रॉन का निवेश रतलाम आईआर के लिए एक मील का पत्थर है। यह निवेश क्षेत्र की मजबूत बुनियादी संरचना, अनुकूल नीतियों और दीर्घकालिक संभावनाओं में निवेशकों के अटूट विश्वास को दर्शाता है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा का मजबूत इकोसिस्टम बनेगा और इसका लाभ रतलाम के साथ पड़ोसी जिलों तक पहुंचेगा और समग्र विकास को गति मिलेगी।
– राजेश राठौड़, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी


