गोरखपुर के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन और निगरानी को लेकर गोरखपुर ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। शासन स्तर पर हुई समीक्षा में गोरखपुर की जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) को पूरे उत्तर प्रदेश में पहली रैंक मिली है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली और दूसरी तिमाही के मूल्यांकन में गोरखपुर को 71.72 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। इसके आधार पर जिले की DHS प्रदेश में पहले स्थान पर रही। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी गोरखपुर ने 71.41 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया था। विकास भवन में हुई बैठक में साझा की गई उपलब्धि यह जानकारी गत 30 जनवरी को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी राज मणि वर्मा ने की। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी और स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार पर जोर दिया। सीएमओ ने बताया कि DHS की रैंकिंग शासकीय निकायों की बैठकों, नियमित टीकाकरण से जुड़ी डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठकों और जिला ऑडिट कमेटी की बैठकों की कार्यवृत्ति समेत विभिन्न स्वास्थ्य संकेतांकों के आधार पर की जाती है। इस उपलब्धि में जिला स्तरीय अधिकारियों और डीपीएमयू की अहम भूमिका रही है। ग्रामीण इलाकों तक बढ़ेगी हार्मोनल जांच की सुविधा बैठक में सैंपल ट्रांसपोर्ट सर्विस के विस्तार पर भी चर्चा की गई। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ अस्पतालों में हार्मोनल जांच के लिए सैंपलिंग की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों में थायराइड जैसी हार्मोनल जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल शहर के दस अस्पतालों से सैंपल ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जा रही है, जहां जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के मोबाइल पर भेजी जा रही है। इसी दौरान जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का साइबर क्राइम को लेकर एसपी क्राइम द्वारा संवेदीकरण किया गया। बैठक में गैर संचारी रोग स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


