नए साल का जश्न मनाने के लिए अशोकनगर जिले की ऐतिहासिक नगरी चंदेरी में हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचे। जिले सहित आसपास के जिलों और अन्य प्रदेशों से आए लोगों ने चंदेरी के ऐतिहासिक, पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर नववर्ष का स्वागत किया। किला कोठी पर सबसे ज्यादा भीड़ नववर्ष के अवसर पर चंदेरी की किला कोठी पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। दोपहर के समय किला कोठी के प्रवेश द्वार पर इतनी भीड़ रही कि अंदर जाने और बाहर आने वाले पर्यटकों की लंबी कतारें लग गईं। किला कोठी परिसर के अंदर भी पर्यटकों की भारी भीड़ रही। लोग ऐतिहासिक इमारतों, कलाकृतियों और पत्थरों पर की गई नक्काशी को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए। युवा वर्ग सेल्फी और रील बनाते हुए दिखाई दिया। कौशिक महल, बादल महल और म्यूजियम में भी चहल-पहल किला कोठी के अलावा कौशिक महल, बादल महल और चंदेरी म्यूजियम में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। दिनभर इन स्थलों पर लोगों की आवाजाही बनी रही।कुछ पर्यटक हैंडलूम पार्क भी पहुंचे, जहां उन्होंने चंदेरी साड़ियों की बुनाई को करीब से देखा और इस पारंपरिक कला का अनुभव लिया। बाहर से आए पर्यटकों में चंदेरी की हथकरघा कला को लेकर खास उत्साह नजर आया। अशोकनगर शहर में भी दिखा नववर्ष का उत्साह अशोकनगर शहर में भी नए साल का उत्साह देखने को मिला। तुलसी सरोवर पार्क में बड़ी संख्या में लोग परिवार और बच्चों के साथ जश्न मनाने पहुंचे। बच्चे झूलों और खुले मैदान में मस्ती करते नजर आए। लोग तुलसी सरोवर पार्क की हरियाली और सेल्फी पॉइंट पर तस्वीरें लेते दिखे। इसके अलावा तालाब के किनारे और आसपास के मंदिरों में भी लोगों की भीड़ बनी रही। धार्मिक स्थलों पर उमड़े श्रद्धालु नववर्ष के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अशोकनगर के युगल सरकार मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। चंदेरी स्थित मां जागेश्वरी मंदिर और करीला में माता जानकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। जागेश्वरी माता मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखी गईं। पुलिस रही मुस्तैद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। चंदेरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुलिस जवान तैनात रहे। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए चौक-चौराहों पर भी पुलिसकर्मी मुस्तैद नजर आए। दिनभर पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बनी रही।


