पुणे बम ब्लास्ट के आरोपी को दिनदहाड़े गोलियों से भूना, ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में फैली दहशत

पुणे बम ब्लास्ट के आरोपी को दिनदहाड़े गोलियों से भूना, ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में फैली दहशत

Bunty Jahagirdar Murder: महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। बुधवार शाम को पुणे बम धमाके के आरोपी असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार की हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े गोली चलने की वजह से डर का माहौल छाया हुआ है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है और इस हत्या के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इसके पीछे किसी तरह की पुराने मामले से संबंधित रंजिश हो सकती है।

कब्रिस्तान से लौटते समय मारी गई गोली

जानकारी के अनुसार, जहागीरदा श्रीरामपुर में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने आया था। जब वह कब्रिस्तान से लौट रहा था, तो जर्मन हॉस्पिटल के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके बाद हमलावर तुरंत फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से जहागीरदा को पास के हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी की फुटेज को खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, दो हमलावर बाइक से आए थे और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि दो संदिग्धों के बारे में सुराग मिले हैं और उनकी तलाश के लिए पांच स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। पुलिस इस हत्या के पीछे के मकसद के बारे में पता करने का प्रयास कर रही है। साथ ही पुलिस यह जानने का भी प्रयास कर रही है कि आखिर इस हत्या के पीछे किसका हाथ है और कहीं इस हत्या का कोई पुराने केस से लेना-देना तो नही है? श्रीरामपुर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

पुणे बम ब्लास्ट का आरोपी था जहागीरदार

असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार को साल 2013 में पुणे के जंगली महाराज रोड पर हुए बम धमाके के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह धमाका 2012 में हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। वह इस मामले में सह-आरोपी था, लेकिन बाद में उसको जमानत मिल गई थी। रिकॉर्ड्स के अनुसार, जहागीरदार के खिलाफ और भी कई मामले दर्ज थे। पुलिस ने बताया कि उस पर अवैध रेत व्यापार, जबरन वसूली, हत्या और आतंकवाद से जुड़े 18 मुकदमे दर्ज थे। पुणे बम ब्लास्ट मामले के अलावा 2006 में नासिक में सेना से जुड़ी जानकारी लीक करने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *