गया जिले के कोंच प्रखंड में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (जीवन प्रमाणीकरण) प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विपुल भारद्वाज ने बताया कि सभी पेंशनधारियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे 31 जनवरी 2026 तक पूरा नहीं करने पर पेंशन राशि रोकी जा सकती है। बीडीओ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि वृद्धा, विधवा और दिव्यांग सहित सभी प्रकार के पेंशनधारियों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बिहार राज्य में पेंशन ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। सीएससी और वसुधा केंद्र पर उपलब्ध ई-केवाईसी की सुविधा पेंशनधारी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या वसुधा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) के माध्यम से अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल और सुलभ बनाई गई है ताकि सभी लाभार्थी आसानी से इसे पूरा कर सकें। यदि केवाईसी के दौरान डेटा में कोई त्रुटि, जैसे जन्मतिथि में गलती, आती है, तो पेंशनधारी प्रखंड कार्यालय के ऑपरेटर से संपर्क कर उसमें सुधार करवा सकते हैं। यह सुविधा त्रुटियों को समय रहते ठीक करने के लिए प्रदान की गई है। हाल ही में, बीडीओ विपुल भारद्वाज ने प्रखंड कर्मियों और पंचायत सचिवों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पेंशन कार्यों और ई-केवाईसी की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने सभी पंचायत सचिवों को पेंशन कार्यों में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है। गया जिले के कोंच प्रखंड में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (जीवन प्रमाणीकरण) प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विपुल भारद्वाज ने बताया कि सभी पेंशनधारियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे 31 जनवरी 2026 तक पूरा नहीं करने पर पेंशन राशि रोकी जा सकती है। बीडीओ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि वृद्धा, विधवा और दिव्यांग सहित सभी प्रकार के पेंशनधारियों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बिहार राज्य में पेंशन ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। सीएससी और वसुधा केंद्र पर उपलब्ध ई-केवाईसी की सुविधा पेंशनधारी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या वसुधा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) के माध्यम से अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल और सुलभ बनाई गई है ताकि सभी लाभार्थी आसानी से इसे पूरा कर सकें। यदि केवाईसी के दौरान डेटा में कोई त्रुटि, जैसे जन्मतिथि में गलती, आती है, तो पेंशनधारी प्रखंड कार्यालय के ऑपरेटर से संपर्क कर उसमें सुधार करवा सकते हैं। यह सुविधा त्रुटियों को समय रहते ठीक करने के लिए प्रदान की गई है। हाल ही में, बीडीओ विपुल भारद्वाज ने प्रखंड कर्मियों और पंचायत सचिवों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पेंशन कार्यों और ई-केवाईसी की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने सभी पंचायत सचिवों को पेंशन कार्यों में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है।


