मोतिहारी में इंटरस्टेट साइबर ठग गिरफ्तार:पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा, लाखों की ठगी का आरोप

मोतिहारी में इंटरस्टेट साइबर ठग गिरफ्तार:पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा, लाखों की ठगी का आरोप

मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र निवासी तनवीर आलम उर्फ हैदर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में हैदर का पाकिस्तान से कनेक्शन सामने आया है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, तुरकौलिया थाना क्षेत्र का एक बड़ा साइबर अपराधी बाजार में साइबर ठगी की रकम निकालने आने वाला था। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। कैश डिपॉजिट मशीन के जरिए अपने आकाओं तक भी पहुंचाता था गठित टीम ने तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया पुल के पास से हैदर को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान हैदर ने कई अहम खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, हैदर न सिर्फ साइबर ठगी से जुड़े पैसों की निकासी करता था, बल्कि निकाले गए पैसे को सीडीएम (कैश डिपॉजिट मशीन) के जरिए अपने आकाओं तक भी पहुंचाता था। हैदर का एक साथी झारखंड का है रहने वाला पूछताछ में यह भी पता चला कि हैदर का एक साथी झारखंड का रहने वाला मयंक भास्कर है। मयंक पिछले कुछ दिनों से मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र स्थित भवानी होटल में रहकर साइबर ठगी का काम कर रहा था। हैदर ही मयंक को होटल में ठहरने और अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता था। इस पूरे नेटवर्क में हैदर को ठगी की रकम का लगभग 14 प्रतिशत कमीशन मिलता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हैदर अब तक लाखों रुपए की साइबर ठगी कर चुका है। कई बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए पुलिस ने हैदर के पास से एक मोबाइल फोन और कई बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। इन सभी की गहन जांच की जा रही है। मोबाइल की जांच के दौरान टेलीग्राम पर “बैंक अकाउंट सोलर सिम कार्ड” नामक एक ग्रुप का पता चला है, जिसमें एक हजार से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र निवासी तनवीर आलम उर्फ हैदर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में हैदर का पाकिस्तान से कनेक्शन सामने आया है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, तुरकौलिया थाना क्षेत्र का एक बड़ा साइबर अपराधी बाजार में साइबर ठगी की रकम निकालने आने वाला था। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। कैश डिपॉजिट मशीन के जरिए अपने आकाओं तक भी पहुंचाता था गठित टीम ने तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया पुल के पास से हैदर को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान हैदर ने कई अहम खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, हैदर न सिर्फ साइबर ठगी से जुड़े पैसों की निकासी करता था, बल्कि निकाले गए पैसे को सीडीएम (कैश डिपॉजिट मशीन) के जरिए अपने आकाओं तक भी पहुंचाता था। हैदर का एक साथी झारखंड का है रहने वाला पूछताछ में यह भी पता चला कि हैदर का एक साथी झारखंड का रहने वाला मयंक भास्कर है। मयंक पिछले कुछ दिनों से मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र स्थित भवानी होटल में रहकर साइबर ठगी का काम कर रहा था। हैदर ही मयंक को होटल में ठहरने और अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता था। इस पूरे नेटवर्क में हैदर को ठगी की रकम का लगभग 14 प्रतिशत कमीशन मिलता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हैदर अब तक लाखों रुपए की साइबर ठगी कर चुका है। कई बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए पुलिस ने हैदर के पास से एक मोबाइल फोन और कई बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। इन सभी की गहन जांच की जा रही है। मोबाइल की जांच के दौरान टेलीग्राम पर “बैंक अकाउंट सोलर सिम कार्ड” नामक एक ग्रुप का पता चला है, जिसमें एक हजार से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं।  

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