किशनगंज में धार्मिक आयोजन के दौरान कानून हाथ में लेने की एक निंदनीय और शर्मनाक घटना सामने आई है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र के पुराने मार्केट मैदान में आयोजित खाटू श्याम यज्ञ के दौरान चोरी के आरोप में एक युवक को कुछ लोगों ने पकड़ लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती भीड़ हिंसा की मानसिकता को भी उजागर करती है। 31 दिसंबर की है घटना यह घटना 31 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। आरोप है कि यज्ञ स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने सौकत अली नामक युवक को चोरी करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए, लोगों ने उसे बंधक बना लिया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। मारपीट के दौरान युवक रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन भीड़ का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। पीड़ित की पहचान मारपीट का शिकार हुए युवक की पहचान सौकत अली (पिता- मो.मजहर अली) के रूप में हुई है। वह दिघलबैंक थाना क्षेत्र के गुवाबाड़ी वार्ड नंबर 14 का निवासी बताया जा रहा है। आरोप है कि युवक को रस्सी से बांधकर लगातार पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह कुछ लोग युवक को घेरकर पीट रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जिले भर में इस घटना को लेकर आक्रोश फैल गया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को बचाया वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद दिघलबैंक पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद घायल सौकत अली को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार युवक को कई जगह गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। चार नामजद आरोपी गिरफ्तार पीड़ित के परिजनों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कानून हाथ में लेने वालों को नहीं मिलेगी छूट किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चोरी या किसी अन्य अपराध की आशंका होने पर लोगों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए, न कि खुद न्यायाधीश बनकर हिंसा पर उतर आना चाहिए। वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच की जा रही है। क्षेत्र में शांति, पुलिस अलर्ट घटना के बाद सावधानी के तौर पर पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। किसी भी तरह की अफवाह से बचने के लिए पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है। आमजन से पुलिस की अपील पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा न करें। शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे थाने को दें। समाज के लिए चेतावनी यह घटना एक बार फिर समाज को चेतावनी देती है कि शक या आरोप के आधार पर हिंसा करना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि पूरी तरह गैरकानूनी भी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक के लिए सामाजिक जागरूकता और कानून के प्रति विश्वास बेहद जरूरी है। किशनगंज में धार्मिक आयोजन के दौरान कानून हाथ में लेने की एक निंदनीय और शर्मनाक घटना सामने आई है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र के पुराने मार्केट मैदान में आयोजित खाटू श्याम यज्ञ के दौरान चोरी के आरोप में एक युवक को कुछ लोगों ने पकड़ लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती भीड़ हिंसा की मानसिकता को भी उजागर करती है। 31 दिसंबर की है घटना यह घटना 31 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। आरोप है कि यज्ञ स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने सौकत अली नामक युवक को चोरी करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए, लोगों ने उसे बंधक बना लिया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। मारपीट के दौरान युवक रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन भीड़ का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। पीड़ित की पहचान मारपीट का शिकार हुए युवक की पहचान सौकत अली (पिता- मो.मजहर अली) के रूप में हुई है। वह दिघलबैंक थाना क्षेत्र के गुवाबाड़ी वार्ड नंबर 14 का निवासी बताया जा रहा है। आरोप है कि युवक को रस्सी से बांधकर लगातार पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह कुछ लोग युवक को घेरकर पीट रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जिले भर में इस घटना को लेकर आक्रोश फैल गया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को बचाया वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद दिघलबैंक पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद घायल सौकत अली को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार युवक को कई जगह गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। चार नामजद आरोपी गिरफ्तार पीड़ित के परिजनों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कानून हाथ में लेने वालों को नहीं मिलेगी छूट किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चोरी या किसी अन्य अपराध की आशंका होने पर लोगों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए, न कि खुद न्यायाधीश बनकर हिंसा पर उतर आना चाहिए। वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच की जा रही है। क्षेत्र में शांति, पुलिस अलर्ट घटना के बाद सावधानी के तौर पर पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। किसी भी तरह की अफवाह से बचने के लिए पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है। आमजन से पुलिस की अपील पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा न करें। शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे थाने को दें। समाज के लिए चेतावनी यह घटना एक बार फिर समाज को चेतावनी देती है कि शक या आरोप के आधार पर हिंसा करना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि पूरी तरह गैरकानूनी भी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक के लिए सामाजिक जागरूकता और कानून के प्रति विश्वास बेहद जरूरी है।


