पूर्णिया में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम अंशुल कुमार के निर्देश पर शहर के विभिन्न हिस्सों में ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था कराई गई। साथ ही जरूरतमंदों के बीच डीएम अंशुल कुमार और एसपी स्वीटी सहरावत ने कंबल बांटा। शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रशासन की ओर से अलाव जलवाए गए हैं। रैन बसेरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आरएन साह चौक, गिरिजा चौक, लाइन बाजार, खुश्कीबाग, गुलाबबाग समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत मिल सके। इसके साथ ही आम लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से जलाया जा रहा अलाव सुबह-शाम दे रहा राहत शहर में जलाए गए अलाव के बाद ठंड से परेशान लोग राहत महसूस करते नजर आए। चौक-चौराहों पर लोग अलाव के पास खड़े होकर हाथ-पैर सेंकते और ठंड से बचाव करते दिखे। खासकर सुबह और देर शाम के समय अलाव लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। टोपी, मफलर, दस्ताने और मोज़े का नियमित उपयोग करें। अत्यधिक ठंड के समय, खासकर सुबह और रात में, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय दुकानदार बोले- अलाव से राहत मिलती है, नहीं तो मुश्किल हो जाती स्थानीय दुकानदार रमेश कुमार ने बताया कि ठंड बहुत ज्यादा हो गई है। सुबह से शाम तक दुकान पर रहना मुश्किल हो रहा था। अलाव जलने से काफी राहत मिली है, प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। संजय कुमार ने बताया कि रात में ठंड बहुत तेज हो जाती है। अलाव से बहुत राहत मिलती है, नहीं तो रहना मुश्किल हो जाता। राहगीर मोहन पासवान ने बताया कि रोज काम पर निकलते हैं, कोहरा और ठंड दोनों परेशान कर रहे हैं। चौक पर अलाव होने से कुछ देर रुककर शरीर गर्म कर पाते हैं। बुजुर्ग शिवनारायण साह ने बताया कि इस उम्र में ठंड ज्यादा असर करती है। अलाव की वजह से ठंड से बचाव हो रहा है। उम्मीद है यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। शीतलहर और बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों और बेघर लोगों के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अलाव या हीटर का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है। बंद कमरे में आग जलाने से बचने और केवल हवादार स्थानों पर ही अलाव या हीटर के प्रयोग की सलाह दी गई है। घने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें, धीमी गति से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। ठंड अधिक लगने, कंपकंपी, शरीर सुन्न होने या किसी भी तरह की अस्वस्थता होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। पूर्णिया में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम अंशुल कुमार के निर्देश पर शहर के विभिन्न हिस्सों में ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था कराई गई। साथ ही जरूरतमंदों के बीच डीएम अंशुल कुमार और एसपी स्वीटी सहरावत ने कंबल बांटा। शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रशासन की ओर से अलाव जलवाए गए हैं। रैन बसेरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आरएन साह चौक, गिरिजा चौक, लाइन बाजार, खुश्कीबाग, गुलाबबाग समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत मिल सके। इसके साथ ही आम लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से जलाया जा रहा अलाव सुबह-शाम दे रहा राहत शहर में जलाए गए अलाव के बाद ठंड से परेशान लोग राहत महसूस करते नजर आए। चौक-चौराहों पर लोग अलाव के पास खड़े होकर हाथ-पैर सेंकते और ठंड से बचाव करते दिखे। खासकर सुबह और देर शाम के समय अलाव लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। टोपी, मफलर, दस्ताने और मोज़े का नियमित उपयोग करें। अत्यधिक ठंड के समय, खासकर सुबह और रात में, अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय दुकानदार बोले- अलाव से राहत मिलती है, नहीं तो मुश्किल हो जाती स्थानीय दुकानदार रमेश कुमार ने बताया कि ठंड बहुत ज्यादा हो गई है। सुबह से शाम तक दुकान पर रहना मुश्किल हो रहा था। अलाव जलने से काफी राहत मिली है, प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। संजय कुमार ने बताया कि रात में ठंड बहुत तेज हो जाती है। अलाव से बहुत राहत मिलती है, नहीं तो रहना मुश्किल हो जाता। राहगीर मोहन पासवान ने बताया कि रोज काम पर निकलते हैं, कोहरा और ठंड दोनों परेशान कर रहे हैं। चौक पर अलाव होने से कुछ देर रुककर शरीर गर्म कर पाते हैं। बुजुर्ग शिवनारायण साह ने बताया कि इस उम्र में ठंड ज्यादा असर करती है। अलाव की वजह से ठंड से बचाव हो रहा है। उम्मीद है यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। शीतलहर और बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों और बेघर लोगों के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अलाव या हीटर का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है। बंद कमरे में आग जलाने से बचने और केवल हवादार स्थानों पर ही अलाव या हीटर के प्रयोग की सलाह दी गई है। घने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें, धीमी गति से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। ठंड अधिक लगने, कंपकंपी, शरीर सुन्न होने या किसी भी तरह की अस्वस्थता होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।


