बक्सर के चौसा में शेरशाह सूरी फुटबॉल प्रतियोगिता के तहत एक दिवसीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। चौसा हाई स्कूल के खेल मैदान में झारखंड और उत्तर प्रदेश की महिला टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहतर तालमेल और रणनीति के साथ खेलते हुए हाफ टाइम से पहले एक महत्वपूर्ण गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली। यह गोल पूरे मैच का निर्णायक साबित हुआ। झारखंड की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किया दूसरे हाफ में झारखंड की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किया। पूरे 70 मिनट के खेल के दौरान झारखंड ने लगभग 12 बार गेंद को गोल पोस्ट तक पहुंचाया, लेकिन उत्तर प्रदेश के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर की सतर्कता के कारण कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। मैच के अंतिम क्षणों तक झारखंड की टीम लगातार दबाव बनाती रही, जबकि उत्तर प्रदेश की टीम ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए धैर्यपूर्ण खेल का प्रदर्शन किया। अंततः रेफरी की अंतिम सीटी बजने पर उत्तर प्रदेश को 1-0 से विजेता घोषित किया गया, और झारखंड की टीम उपविजेता रही। अल्पसंख्यक मंत्री जामा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे मैच के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें बिहार सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री जामा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों के कप्तानों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। महिला खिलाड़ियों का उत्साह और खेल कौशल सराहनीय इस अवसर पर मंत्री जामा खान ने कहा कि महिला खिलाड़ियों का उत्साह और खेल कौशल सराहनीय है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलता है, बल्कि समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनता है। इस टूर्नामेंट का आयोजन पूर्व जिला पार्षद डॉ. मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर बक्सर के प्रसिद्ध होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. एस. एन. सी. सिंह, चौसा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी, मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे। बक्सर के चौसा में शेरशाह सूरी फुटबॉल प्रतियोगिता के तहत एक दिवसीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। चौसा हाई स्कूल के खेल मैदान में झारखंड और उत्तर प्रदेश की महिला टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहतर तालमेल और रणनीति के साथ खेलते हुए हाफ टाइम से पहले एक महत्वपूर्ण गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली। यह गोल पूरे मैच का निर्णायक साबित हुआ। झारखंड की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किया दूसरे हाफ में झारखंड की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किया। पूरे 70 मिनट के खेल के दौरान झारखंड ने लगभग 12 बार गेंद को गोल पोस्ट तक पहुंचाया, लेकिन उत्तर प्रदेश के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर की सतर्कता के कारण कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। मैच के अंतिम क्षणों तक झारखंड की टीम लगातार दबाव बनाती रही, जबकि उत्तर प्रदेश की टीम ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए धैर्यपूर्ण खेल का प्रदर्शन किया। अंततः रेफरी की अंतिम सीटी बजने पर उत्तर प्रदेश को 1-0 से विजेता घोषित किया गया, और झारखंड की टीम उपविजेता रही। अल्पसंख्यक मंत्री जामा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे मैच के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें बिहार सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री जामा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों के कप्तानों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। महिला खिलाड़ियों का उत्साह और खेल कौशल सराहनीय इस अवसर पर मंत्री जामा खान ने कहा कि महिला खिलाड़ियों का उत्साह और खेल कौशल सराहनीय है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलता है, बल्कि समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनता है। इस टूर्नामेंट का आयोजन पूर्व जिला पार्षद डॉ. मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर बक्सर के प्रसिद्ध होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. एस. एन. सी. सिंह, चौसा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी, मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे।


