कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार नए साल 2026 के जश्न के दौरान नशे में धुत लोगों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाएगी। विशेष रूप से उन लोगों का ध्यान रखा जाएगा जो चलने में असमर्थ या बेहोशी की स्थिति में हों। डॉ. परमेश्वर ने संवाददाताओं से कहा, “हम सभी को घर नहीं पहुंचा सकते, लेकिन जो लोग अत्यधिक नशे में हैं या असमर्थ हैं, उन्हें उठाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। राज्य में 15 विशेष केंद्र तैयार किए गए हैं, जहां नशा उतरने तक आराम करने की सुविधा होगी और उसके बाद उन्हें उनके घर भेजा जाएगा।”
बड़े शहरों में विशेष सुरक्षा
गृह मंत्री ने बताया कि नए साल के उत्सव और नशे से जुड़ी घटनाएँ मुख्य रूप से बेंगलुरु, मैसूरु, हुब्बल्लि, बेलगावी और मंगलुरु जैसे बड़े शहरों में होती हैं। इन क्षेत्रों में भारी भीड़ और बाहर से आने वाले लोगों की मौज-मस्ती के कारण विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बार और पब मालिकों को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए गृह मंत्री ने कहा, “खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। कुछ महिलाएं नशे की वजह से असहाय हो सकती हैं, और कोई स्थिति का दुरुपयोग न करे। इसलिए सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।”
ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त नियंत्रण
ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों को रोकने के लिए 160 स्थानों पर चेकिंग की जाएगी। सीमित स्तर से अधिक नशे में वाहन चलाने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। सभी पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा पहनेंगे और कमांड सेंटर से जुड़े रहेंगे। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में किसी भी तरह की खतरनाक गतिविधि पर निगरानी रखी जाएगी।
बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि बेंगलुरु में 20,000 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें विशेष महिला दस्ते भी शामिल हैं। उच्च यातायात वाले क्षेत्रों और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक की मदद से भीड़ और ट्रैफिक पर नजर रखी जाएगी।
राज्य सरकार की अपील
कर्नाटक सरकार का लक्ष्य है कि नववर्ष 2026 का जश्न सुरक्षित और खुशहाल तरीके से मनाया जाए। गृह मंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।


