अनूपपुर जिले में पिछले एक हफ्ते से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक भी प्रभावित है। यहां शीतलहर जैसे हालात हैं और रात में गिरने वाली ओस की बूंदें सुबह हल्की बर्फ की परत के रूप में जम रही हैं। नए साल के अवसर पर नर्मदा दर्शन के लिए सैलानियों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है। बुधवार को नर्मदा नदी के उत्तर एवं दक्षिण तटों, आसपास के खुले मैदानों, इंद्रदमन तालाब और शासकीय उद्यानिकी क्षेत्र में घास, फूल तथा पत्तियों पर रुई के समान सफेद बर्फ जमी हुई दिखाई दी। रामघाट के दक्षिण तट और उद्यानों में घास पर बिछी बर्फ की सफेद चादर सुबह के समय कांच की तरह चमक रही थी, जिससे दिन में भी ठंड का अधिक प्रभाव बना हुआ है। मौसम की स्थिति के अनुसार, दिन का तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि रात में यह गिरकर 3 से 4 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जा रहा है। दिन और रात के तापमान में लगभग 20 डिग्री सेल्सियस के अंतर के कारण शीतलहर का प्रभाव और अधिक बढ़ गया है। इस भीषण ठंड से गरीब, मजदूर और श्रमिक वर्ग को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, नर्मदा परिक्रमा पर निकले साधु-संत और परिक्रमावासी भी ठंड से प्रभावित हो रहे हैं। इन सबके बावजूद, मां नर्मदा के दर्शन और अमरकंटक की वादियों का दीदार करने के लिए रोजाना सैलानियों की आवाजाही बनी रहती है। गुरुवार को आने वाले नए वर्ष में मां नर्मदा के दर्शन कर साल की शुरुआत करने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों का आना शुरू हो गया है। तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है और नर्मदा दर्शन व परिक्रमा का क्रम निरंतर जारी है।


