नियोजित शिक्षकों ने प्रमोशन-ट्रांसफर के लिए घेरा DEO ऑफिस:संघ ने मांगों पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी, कहा-नियमावली के तहत हो कार्रवाई

नियोजित शिक्षकों ने प्रमोशन-ट्रांसफर के लिए घेरा DEO ऑफिस:संघ ने मांगों पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी, कहा-नियमावली के तहत हो कार्रवाई

सहरसा में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले प्रारंभिक नियोजित शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। यह धरना सालों से लंबित प्रोन्नति और स्थानांतरण की मांग को लेकर राज्यव्यापी आह्वान के तहत आयोजित की गई। शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष निरंजन कुमार ने की। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक एकजुट हुए और शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। संघ के जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाले नियोजित शिक्षक आज भी अपने संवैधानिक और नियमसम्मत अधिकारों से वंचित हैं। नियोजन नियमावली के तहत प्रोन्नति, स्थानांतरण का प्रावधान उन्होंने बताया कि बिहार पंचायत/नगर निकाय प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) में प्रोन्नति, स्थानांतरण और कालबद्ध वेतन उन्नयन के स्पष्ट प्रावधान हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग इन्हें लागू नहीं कर रहा है, जो घोर अन्याय और वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है। 5 वर्ष की सेवा पर प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का प्रावधान प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार सुमन ने जानकारी दी कि नियमावली के तहत 12 वर्षों की सेवा पर कालबद्ध प्रोन्नति, स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों को 8 वर्ष में स्नातक ग्रेड तथा 5 वर्ष की सेवा पर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का प्रावधान है। महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के लिए स्थानांतरण की व्यवस्था इसके अतिरिक्त, कंडिका-15 के अंतर्गत महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के लिए अंतर नियोजन इकाई एवं अंतर जिला स्थानांतरण की व्यवस्था भी है। इसे वर्षों से लागू नहीं किया गया है, जिससे शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हैं। जिला अध्यक्ष निरंजन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि संघ की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उन्होंने एरियर के नाम पर शिक्षकों को परेशान करने पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की। हर स्तर पर अवैध वसूली, अंकुश लगाने की मांग उन्होंने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि हर स्तर पर अवैध वसूली हो रही है। इस पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए, अन्यथा निगरानी जांच की मांग की जाएगी। धरना-प्रदर्शन में संघ के कई पदाधिकारी, शिक्षक नेता एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। सहरसा में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले प्रारंभिक नियोजित शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। यह धरना सालों से लंबित प्रोन्नति और स्थानांतरण की मांग को लेकर राज्यव्यापी आह्वान के तहत आयोजित की गई। शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष निरंजन कुमार ने की। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक एकजुट हुए और शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। संघ के जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाले नियोजित शिक्षक आज भी अपने संवैधानिक और नियमसम्मत अधिकारों से वंचित हैं। नियोजन नियमावली के तहत प्रोन्नति, स्थानांतरण का प्रावधान उन्होंने बताया कि बिहार पंचायत/नगर निकाय प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) में प्रोन्नति, स्थानांतरण और कालबद्ध वेतन उन्नयन के स्पष्ट प्रावधान हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग इन्हें लागू नहीं कर रहा है, जो घोर अन्याय और वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है। 5 वर्ष की सेवा पर प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का प्रावधान प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार सुमन ने जानकारी दी कि नियमावली के तहत 12 वर्षों की सेवा पर कालबद्ध प्रोन्नति, स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों को 8 वर्ष में स्नातक ग्रेड तथा 5 वर्ष की सेवा पर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का प्रावधान है। महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के लिए स्थानांतरण की व्यवस्था इसके अतिरिक्त, कंडिका-15 के अंतर्गत महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के लिए अंतर नियोजन इकाई एवं अंतर जिला स्थानांतरण की व्यवस्था भी है। इसे वर्षों से लागू नहीं किया गया है, जिससे शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हैं। जिला अध्यक्ष निरंजन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि संघ की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उन्होंने एरियर के नाम पर शिक्षकों को परेशान करने पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की। हर स्तर पर अवैध वसूली, अंकुश लगाने की मांग उन्होंने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि हर स्तर पर अवैध वसूली हो रही है। इस पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए, अन्यथा निगरानी जांच की मांग की जाएगी। धरना-प्रदर्शन में संघ के कई पदाधिकारी, शिक्षक नेता एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।  

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