Aparajita Tea Benefits: अपराजिता, जिसे वैज्ञानिक रूप से Clitoria ternatea कहा जाता है, अपने गहरे नीले-बैंगनी रंग और औषधीय गुणों के लिए आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में खास स्थान रखती है।अपराजिता आयुर्वेद का एक ऐसा प्राकृतिक तोहफा है। नीले रंग के इस खास फूल से बनी चाय न सिर्फ देखने में आकर्षक होती है, बल्कि दिमाग और मन की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। माना जाता है कि अपराजिता टी याददाश्त को तेज करने, फोकस बढ़ाने और मेंटल थकान को दूर करने में मदद कर सकती है। इसके शांत प्रभाव तनाव और बेचैनी को कम करते हैं, जिससे मन अधिक स्थिर और रिलैक्स महसूस करता है।
मेमोरी और फोकस को कैसे करता है बेहतर?
अपराजिता का सबसे बड़ा फायदा दिमाग पर इसका सकारात्मक असर माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह फूल याददाश्त को तेज करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक थकान कम करने में मदद करता है। पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स या लंबे समय तक दिमागी काम करने वाले लोगों के लिए यह खास फायदेमंद हो सकता है।परंपरागत तौर पर सुबह खाली पेट अपराजिता के फूल का पेस्ट थोड़ा-सा घी मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है, जिससे मानसिक स्पष्टता और फोकस बेहतर हो सकता है।
तनाव कम करने में भी असरदार
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से बच पाना आसान नहीं है। ऐसे में अपराजिता एक नेचुरल स्ट्रेस-रिलीवर की तरह काम करता है। इसके फूलों से बनी हर्बल चाय या काढ़ा नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करता है।6–7 ताजे फूलों को पानी में उबालकर, उसमें इलायची मिलाकर पीने से मन को सुकून मिलता है और बेचैनी कम हो सकती है।
सिरदर्द, आंखों की थकान और नींद में मदद
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाला सिरदर्द और आंखों की जलन आज आम समस्या है। अपराजिता के फूलों का पेस्ट आंखों के आसपास लगाने से ठंडक और आराम महसूस होता है। वहीं, शाम के समय अपराजिता, गुलाब की पंखुड़ियों और इलायची से बनी चाय पीने से नींद की क्वालिटी बेहतर हो सकती है।
हार्मोनल हेल्थ और स्किन के लिए भी फायदेमंद
महिलाओं के लिए अपराजिता को हार्मोनल बैलेंस सपोर्ट करने वाला माना जाता है। रातभर पानी में फूल भिगोकर सुबह उसका सेवन करने से पीरियड्स से जुड़ी हल्की परेशानियों में राहत मिल सकती है। इसके अलावा, फूल-इंफ्यूज़्ड पानी या पेस्ट त्वचा की सूजन कम कर नेचुरल ग्लो देने में मदद करता है।
इस्तेमाल से पहले रखें ये सावधानियां
हालांकि अपराजिता प्राकृतिक है, लेकिन गर्भवती महिलाएं, लो या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग और दवा लेने वाले व्यक्ति इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। पहली बार इस्तेमाल करते समय कम मात्रा से शुरुआत करना बेहतर होता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


