विदेशी पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गुलजार हो रहा कोनार डैम

विदेशी पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गुलजार हो रहा कोनार डैम

कोनार डैम इन दिनों विदेशी पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गुलजार हो रहा है। प्रकृति की गोद में बसा यह इलाका राज्य के एक महत्वपूर्ण और आकर्षक पर्यटन स्थल में से एक है। सर्दियों का मौसम है और झारखंड के विभिन्न जलाशयों के किनारे प्यारे मेहमान पक्षियों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ये मेहमान प्रवासी पक्षी मार्च तक यहां रहते हैं और फिर मार्च के बाद अपने घोंसले में लौट जाते हैं। डैम और पास में झुमरा पहाड़ के जंगल का वातावरण पक्षियों के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसी कारण है कि हर साल ठंड के मौसम में यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है, जिनमें से 19 प्रजातियां विदेशी होती हैं। इनमें साइबेरियन गाल्ज, रूडी शैलडक, शॉब्लर व कोमन पोचड सहित अन्य कई प्रजातियां शामिल हैं। ​पक्षी कभी झुंड बनाकर तैरते हैं, तो कभी उड़ते और जल क्रीड़ा करते हैं। इनको देखने के लिए स्थानीय व दूर-दराज के लोग खींचे चले आते हैं। कोनार डैम इन दिनों विदेशी पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गुलजार हो रहा है। प्रकृति की गोद में बसा यह इलाका राज्य के एक महत्वपूर्ण और आकर्षक पर्यटन स्थल में से एक है। सर्दियों का मौसम है और झारखंड के विभिन्न जलाशयों के किनारे प्यारे मेहमान पक्षियों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ये मेहमान प्रवासी पक्षी मार्च तक यहां रहते हैं और फिर मार्च के बाद अपने घोंसले में लौट जाते हैं। डैम और पास में झुमरा पहाड़ के जंगल का वातावरण पक्षियों के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसी कारण है कि हर साल ठंड के मौसम में यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है, जिनमें से 19 प्रजातियां विदेशी होती हैं। इनमें साइबेरियन गाल्ज, रूडी शैलडक, शॉब्लर व कोमन पोचड सहित अन्य कई प्रजातियां शामिल हैं। ​पक्षी कभी झुंड बनाकर तैरते हैं, तो कभी उड़ते और जल क्रीड़ा करते हैं। इनको देखने के लिए स्थानीय व दूर-दराज के लोग खींचे चले आते हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *