नई डिजिटल व्यवस्था होगी:रिम्स में अब लाइन में नहीं, ई-मेल से मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

नई डिजिटल व्यवस्था होगी:रिम्स में अब लाइन में नहीं, ई-मेल से मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में आम लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रिम्स प्रबंधन जल्द ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसके तहत आवेदन के बाद प्रमाण पत्र सीधे आवेदक के ई-मेल पर भेज दिया जाएगा। इससे लोगों का समय बचेगा और अस्पताल परिसर में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी। अब तक की व्यवस्था में प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के बाद लोगों को यह जानने के लिए कई बार रिम्स आना पड़ता था कि सर्टिफिकेट बना या नहीं। इससे मरीजों, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती थी। आवेदन के साथ देना होगा, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी : रिम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि नई प्रणाली के तहत आवेदन के समय ही आवेदक से मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ली जाएगी। यदि कोई व्यक्ति खुद प्रमाण पत्र लेने आने में असमर्थ है, तो वह पहले ही ई-मेल से सर्टिफिकेट मंगाने का विकल्प चुन सकेगा। प्रमाण पत्र तैयार होते ही उसे ई-मेल के माध्यम से भेज दिया जाएगा। इसमें रिम्स का ई-सिग्नेचर होगा, जिससे उसकी वैधता पूरी तरह मान्य रहेगी। सिस्टम अपडेट होते ही मिलेगी सूचना रिम्स प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही नई डिजिटल प्रणाली पूरी तरह लागू होगी, प्रमाण पत्र बनते ही आवेदक को सूचना मिल जाएगी। इससे लंबित मामलों का निपटारा होगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। यह पहल रिम्स को डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम की ओर ले जाने वाला अहम कदम मानी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का भरोसा मजबूत होगा। रिम्स आने से मिलेगी राहत, पैसे-समय की होगी बचत नई व्यवस्था से लोगों को बार-बार रिम्स आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय और पैसे दोनों की बचत होगी। बुजुर्गों, बीमारों और दूर-दराज के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। साथ ही अस्पताल परिसर में भीड़ भी कम होगी। फिलहाल रिम्स में 5 हजार से अधिक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र ऐसे पड़े हैं, जिन्हें बनवाने के बाद लेने कोई नहीं पहुंचा। ये प्रमाण पत्र वर्ष 2016 से अब तक के हैं। अब तक आवेदकों को सूचना देने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी, जिससे यह बैकलॉग बढ़ता चला गया। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में आम लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रिम्स प्रबंधन जल्द ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसके तहत आवेदन के बाद प्रमाण पत्र सीधे आवेदक के ई-मेल पर भेज दिया जाएगा। इससे लोगों का समय बचेगा और अस्पताल परिसर में अनावश्यक भीड़ भी कम होगी। अब तक की व्यवस्था में प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के बाद लोगों को यह जानने के लिए कई बार रिम्स आना पड़ता था कि सर्टिफिकेट बना या नहीं। इससे मरीजों, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती थी। आवेदन के साथ देना होगा, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी : रिम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि नई प्रणाली के तहत आवेदन के समय ही आवेदक से मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ली जाएगी। यदि कोई व्यक्ति खुद प्रमाण पत्र लेने आने में असमर्थ है, तो वह पहले ही ई-मेल से सर्टिफिकेट मंगाने का विकल्प चुन सकेगा। प्रमाण पत्र तैयार होते ही उसे ई-मेल के माध्यम से भेज दिया जाएगा। इसमें रिम्स का ई-सिग्नेचर होगा, जिससे उसकी वैधता पूरी तरह मान्य रहेगी। सिस्टम अपडेट होते ही मिलेगी सूचना रिम्स प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही नई डिजिटल प्रणाली पूरी तरह लागू होगी, प्रमाण पत्र बनते ही आवेदक को सूचना मिल जाएगी। इससे लंबित मामलों का निपटारा होगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। यह पहल रिम्स को डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम की ओर ले जाने वाला अहम कदम मानी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का भरोसा मजबूत होगा। रिम्स आने से मिलेगी राहत, पैसे-समय की होगी बचत नई व्यवस्था से लोगों को बार-बार रिम्स आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय और पैसे दोनों की बचत होगी। बुजुर्गों, बीमारों और दूर-दराज के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। साथ ही अस्पताल परिसर में भीड़ भी कम होगी। फिलहाल रिम्स में 5 हजार से अधिक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र ऐसे पड़े हैं, जिन्हें बनवाने के बाद लेने कोई नहीं पहुंचा। ये प्रमाण पत्र वर्ष 2016 से अब तक के हैं। अब तक आवेदकों को सूचना देने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी, जिससे यह बैकलॉग बढ़ता चला गया।  

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