गोपालगंज में मौसम काफी सर्द बना हुआ है। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और सुबह-शाम आसमान से गिर रही ओस की बूंदें ठंड का एहसास और तेज कर रही हैं। साल के आखिरी दिनों में प्रकृति ने अपना सख्त रुख दिखाया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है। न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री तक लुढ़का मौसम विभाग के अनुसार गोपालगंज में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। वहीं दिन के समय अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण दिन में निकलने वाली हल्की धूप भी बेअसर साबित हो रही है। पछुआ हवाओं ने बढ़ाया ‘चिल फैक्टर’ उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही सर्द पछुआ हवाओं ने जिले में ठिठुरन और बढ़ा दी है। हवाओं की रफ्तार 6 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच बताई जा रही है, जिससे ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है। इसके कारण दिन में भी लोगों को ठंड का तीखा एहसास हो रहा है और शरीर में कंपकंपी बनी हुई है। ओस और नमी से बढ़ी परेशानी सुबह के समय आसमान से गिर रही ओस की बूंदें इस बात का संकेत हैं कि वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक है। नमी का प्रतिशत लगभग 77 से 90 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है। अधिक नमी और ठंड के मेल से ठिठुरन और बढ़ गई है, जिससे खासकर सुबह और रात के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दृश्यता घटी, सड़कों पर रफ्तार हुई धीमी सुबह के समय घने कोहरे और ओस के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही। सड़कों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी और कई जगह गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर भी वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। अलाव बने सहारा, बाजारों में सन्नाटा ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्रों में लोग आग तापते दिखे। ठंड के कारण बाजारों में चहल-पहल कम हो गई है। लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और गर्म कपड़ों में पूरी तरह लिपटे नजर आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में ठंड का ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और भी अधिक देखने को मिल रहा है। खुले खेत और मैदान होने के कारण वहां ठंडी हवाएं बिना रोक-टोक के चल रही हैं, जिससे लोग ज्यादा परेशान हैं। मजदूर वर्ग और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने गोपालगंज सहित उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए ‘कोल्ड डे’ और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक मौसम इसी तरह सर्द बना रह सकता है। ठंडी हवाओं और कोहरे से राहत मिलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं जताई गई है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव करने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है। अभी और बढ़ सकती है ठंड कुल मिलाकर गोपालगंज में ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। ओस, सर्द हवाएं और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, ऐसे में लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है। गोपालगंज में मौसम काफी सर्द बना हुआ है। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और सुबह-शाम आसमान से गिर रही ओस की बूंदें ठंड का एहसास और तेज कर रही हैं। साल के आखिरी दिनों में प्रकृति ने अपना सख्त रुख दिखाया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है। न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री तक लुढ़का मौसम विभाग के अनुसार गोपालगंज में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। वहीं दिन के समय अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण दिन में निकलने वाली हल्की धूप भी बेअसर साबित हो रही है। पछुआ हवाओं ने बढ़ाया ‘चिल फैक्टर’ उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही सर्द पछुआ हवाओं ने जिले में ठिठुरन और बढ़ा दी है। हवाओं की रफ्तार 6 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच बताई जा रही है, जिससे ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है। इसके कारण दिन में भी लोगों को ठंड का तीखा एहसास हो रहा है और शरीर में कंपकंपी बनी हुई है। ओस और नमी से बढ़ी परेशानी सुबह के समय आसमान से गिर रही ओस की बूंदें इस बात का संकेत हैं कि वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक है। नमी का प्रतिशत लगभग 77 से 90 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है। अधिक नमी और ठंड के मेल से ठिठुरन और बढ़ गई है, जिससे खासकर सुबह और रात के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दृश्यता घटी, सड़कों पर रफ्तार हुई धीमी सुबह के समय घने कोहरे और ओस के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही। सड़कों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी और कई जगह गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर भी वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। अलाव बने सहारा, बाजारों में सन्नाटा ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्रों में लोग आग तापते दिखे। ठंड के कारण बाजारों में चहल-पहल कम हो गई है। लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और गर्म कपड़ों में पूरी तरह लिपटे नजर आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में ठंड का ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और भी अधिक देखने को मिल रहा है। खुले खेत और मैदान होने के कारण वहां ठंडी हवाएं बिना रोक-टोक के चल रही हैं, जिससे लोग ज्यादा परेशान हैं। मजदूर वर्ग और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने गोपालगंज सहित उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए ‘कोल्ड डे’ और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक मौसम इसी तरह सर्द बना रह सकता है। ठंडी हवाओं और कोहरे से राहत मिलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं जताई गई है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव करने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है। अभी और बढ़ सकती है ठंड कुल मिलाकर गोपालगंज में ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। ओस, सर्द हवाएं और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, ऐसे में लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है।


