‘5 दिनों तक बेटे के लिए थाना का चक्कर लगाता रहा, आरोपियों की जानकारी दी, खोजी कुत्ता बुलाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन हमारी बात किसी ने नहीं सुनी। आज बेटे की लाश घर से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर कुएं से बरामद की गई। पुलिस गंभीर होकर मामले की जांच करती तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।’ भोजपुर में 10 साल के बच्चे की हत्या के बाद उसके पिता रजनीकांत पांडेय ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। मृतक की पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई है, जो 22 दिसंबर से गायब था। 28 दिसंबर को उसकी लाश कुएं से मिली है। पिछले 7 दिनों तक उसकी बॉडी कुएं में पड़ी रही। घटना बड़हरा थाना क्षेत्र के बड़का लाहौर की है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 10 साल का बच्चा आखिर कब और कैसे गायब हुआ, उसकी हत्या कब की गई, बच्चे की हत्या किसने और क्यों की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…। क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने देखा शव रविवार की सुबह गांव के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान कुएं की ओर गेंद चला गया। गेंद लाने गए बच्चों ने कुएं में शव देखा, फिर ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। मासूम बच्चे की बॉडी देखने लायक नहीं थी। उसका शरीर सूज गया था। जीभ और आंखें बाहर आ गई थी। शव मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और आरा-बड़हरा सड़क पर बड़का लौहर गांव के पास 9 घंटे तक बॉडी रखकर प्रदर्शन किया। शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। दैनिक भास्कर रिपोर्टर बच्चे के घर पहुंचे, तो उसके पिता ने कहा कि सर, मेरा बेटा 7 दिन पहले गायब हुआ था। मैंने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान पुलिस से हाथ जोड़कर कहा था कि मेरा बेटा किसी खतरे में हो सकता है। मैंने एक-दो लोगों के नाम भी पुलिस को दिए थे। पुलिस ने इन संदिग्धों को उठाया, लेकिन पूछताछ में कुछ नहीं मिला तो उन्हें छोड़ दिया। अगर पुलिस सख्ती दिखाती तो मेरा बेटा मेरे पास होता। आदित्य के पिता बोले- मेरे बेटे की हत्या की जिम्मेदार पुलिस है आदित्य के पिता रजनीकांत पांडेय ने कहा कि, मैंने पुलिस से कहा था डॉग स्क्वॉड की टीम, FSL की टीम को बुलाकर जांच करवाइए, लेकिन पुलिस ने मेरी मदद नहीं की। पुलिस कार्रवाई के बजाय मुझसे पूछताछ करती थी। थाने में कई बार जाकर न्याय की गुहार लगाता रहा। जिसपर शक था, उसके बारे में पुलिस को बताते रहे। पुलिस सख्ती से पूछताछ करती तो मेरे बेटे की डेडबॉडी नहीं मिलती। आदित्य की हत्या के पीछे पुलिस प्रशासन की लापरवाही है। मेरे बेटे की जिसने हत्या की है, उसे फांसी की सजा दी जाए। लाश छिपाने के लिए कुएं में फेंका रजनीकांत पांडेय के मुताबिक, कन्हैया ने मेरे बेटे आदित्य की हत्या की है। मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। कन्हैया ने मेरी पत्नी को धमकी दी थी। 22 दिसंबर को जब पुलिस को बेटे की गुमशुदगी का लिखित आवेदन दिया था, तो उसमें कन्हैया का नाम नहीं लिखा था, लेकिन पुलिस को मौखिक रूप से बताया था। इसके बाद कन्हैया से पुलिस ने पूछताछ भी की, लेकिन बाद में छोड़ दिया। मामा के अफेयर में चली गई 10 साल के भांजे की जान आदित्य की मां ट्विंकल पांडेय ने बताया कि, मेरा मायका दुबे छपरा है, जो मेरे ससुराल से 2 से 3 किलोमीटर दूर है। मेरा छोटा भाई नीरज गांव में ही पड़ोस की लड़की से बातचीत करता था। दोनों के बीच कई महीनों से बातचीत हो रही थी। इसी दौरान दोनों के परिजन को अफेयर की जानकारी मिली। इसके बाद मेरे भाई नीरज को लड़की के पिता ने जान से मारने की धमकी दी और कहा कि मेरी बेटी से दूर रहना, यह तुम्हारे लिए ठीक रहेगा। जब ये बात हम लोगों को पता चला तो सोचा कि लड़की का मामला है, गुस्से में लड़की के पिता ने धमकी दे दी होगी। हम लोगों ने नीरज को समझाया और कहा कि तुम लड़की से मतलब रखना छोड़ दो। अपने फ्यूचर के बारे में सोचो। बाहर पैसा कमाने चले जाओ, बाहर निकलोगे तो सब ठीक हो जाएगा। ‘आंचल फैलाकर कन्हैया से भीख मांगी, बेटे को लौटा दो’ ट्विंकल पांडेय ने बताया कि, 22 दिसंबर की दोपहर आदित्य घर के बाहर खेल रहा था। फरना गांव में यज्ञ का आयोजन किया गया था। मेले में झूला लगा हुआ था। खेलते-खेलते आदित्य मेले में चला गया था। लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा तो हमलोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद हमलोगों ने इसकी शिकायत बड़हरा थाने में की। पुलिस के साथ 22 दिसंबर को अपने मायके गई थी, लेकिन पुलिस ने कन्हैया से थोड़ा-बहुत पूछताछ करके उसे छोड़ दिया। फिर हम 23 दिसंबर को अपने मायके गई और कन्हैया से अंचल फैलाकर भीख मांगी थी कि मेरे बेटे को दे दो, हम किसी से कुछ नहीं बोलेंगे। मेरा बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ता था। पढ़ने में काफी तेज था। 10 दिन पहले ही स्कूल में 5 हजार रुपए फीस भरा था। आदित्य कहता था कि हम पढ़कर पुलिस अफसर बनूंगा और लोगों की सेवा करूंगा। आज उसके साथ ऐसी घटना घटी है। ये कहते हुए वो बेसुध थी। आदित्य के बड़े पापा ने कहा- निर्मम तरीके से मेरे भतीजे को मार डाला आदित्य के बड़े पापा हरे राम पांडे ने कहा कि, 22 दिसंबर को खेलने के बाद आदित्य यज्ञ देखने चला गया था। गायब होने के बाद पुलिस से लापता होने की सूचना दी। लेकिन पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। बच्चे की नृशंस तरीके से हत्या की गई है। बच्चे के मामा का एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी बात को लेकर लड़की के पिता ने घटना को अंजाम दिया है। आरोपी ने आज मामा का बदला बच्चे से लिया है। गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी SDPO–2 रंजीत कुमार ने बताया कि, गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लिखित में किसी को आरोपी नहीं बताया गया था। मौखिक रूप से आरोपी का नाम बताया गया था। बच्चे की लाश मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी कन्हैया को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ‘5 दिनों तक बेटे के लिए थाना का चक्कर लगाता रहा, आरोपियों की जानकारी दी, खोजी कुत्ता बुलाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन हमारी बात किसी ने नहीं सुनी। आज बेटे की लाश घर से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर कुएं से बरामद की गई। पुलिस गंभीर होकर मामले की जांच करती तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।’ भोजपुर में 10 साल के बच्चे की हत्या के बाद उसके पिता रजनीकांत पांडेय ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। मृतक की पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई है, जो 22 दिसंबर से गायब था। 28 दिसंबर को उसकी लाश कुएं से मिली है। पिछले 7 दिनों तक उसकी बॉडी कुएं में पड़ी रही। घटना बड़हरा थाना क्षेत्र के बड़का लाहौर की है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 10 साल का बच्चा आखिर कब और कैसे गायब हुआ, उसकी हत्या कब की गई, बच्चे की हत्या किसने और क्यों की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…। क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने देखा शव रविवार की सुबह गांव के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान कुएं की ओर गेंद चला गया। गेंद लाने गए बच्चों ने कुएं में शव देखा, फिर ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। मासूम बच्चे की बॉडी देखने लायक नहीं थी। उसका शरीर सूज गया था। जीभ और आंखें बाहर आ गई थी। शव मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और आरा-बड़हरा सड़क पर बड़का लौहर गांव के पास 9 घंटे तक बॉडी रखकर प्रदर्शन किया। शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। दैनिक भास्कर रिपोर्टर बच्चे के घर पहुंचे, तो उसके पिता ने कहा कि सर, मेरा बेटा 7 दिन पहले गायब हुआ था। मैंने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान पुलिस से हाथ जोड़कर कहा था कि मेरा बेटा किसी खतरे में हो सकता है। मैंने एक-दो लोगों के नाम भी पुलिस को दिए थे। पुलिस ने इन संदिग्धों को उठाया, लेकिन पूछताछ में कुछ नहीं मिला तो उन्हें छोड़ दिया। अगर पुलिस सख्ती दिखाती तो मेरा बेटा मेरे पास होता। आदित्य के पिता बोले- मेरे बेटे की हत्या की जिम्मेदार पुलिस है आदित्य के पिता रजनीकांत पांडेय ने कहा कि, मैंने पुलिस से कहा था डॉग स्क्वॉड की टीम, FSL की टीम को बुलाकर जांच करवाइए, लेकिन पुलिस ने मेरी मदद नहीं की। पुलिस कार्रवाई के बजाय मुझसे पूछताछ करती थी। थाने में कई बार जाकर न्याय की गुहार लगाता रहा। जिसपर शक था, उसके बारे में पुलिस को बताते रहे। पुलिस सख्ती से पूछताछ करती तो मेरे बेटे की डेडबॉडी नहीं मिलती। आदित्य की हत्या के पीछे पुलिस प्रशासन की लापरवाही है। मेरे बेटे की जिसने हत्या की है, उसे फांसी की सजा दी जाए। लाश छिपाने के लिए कुएं में फेंका रजनीकांत पांडेय के मुताबिक, कन्हैया ने मेरे बेटे आदित्य की हत्या की है। मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। कन्हैया ने मेरी पत्नी को धमकी दी थी। 22 दिसंबर को जब पुलिस को बेटे की गुमशुदगी का लिखित आवेदन दिया था, तो उसमें कन्हैया का नाम नहीं लिखा था, लेकिन पुलिस को मौखिक रूप से बताया था। इसके बाद कन्हैया से पुलिस ने पूछताछ भी की, लेकिन बाद में छोड़ दिया। मामा के अफेयर में चली गई 10 साल के भांजे की जान आदित्य की मां ट्विंकल पांडेय ने बताया कि, मेरा मायका दुबे छपरा है, जो मेरे ससुराल से 2 से 3 किलोमीटर दूर है। मेरा छोटा भाई नीरज गांव में ही पड़ोस की लड़की से बातचीत करता था। दोनों के बीच कई महीनों से बातचीत हो रही थी। इसी दौरान दोनों के परिजन को अफेयर की जानकारी मिली। इसके बाद मेरे भाई नीरज को लड़की के पिता ने जान से मारने की धमकी दी और कहा कि मेरी बेटी से दूर रहना, यह तुम्हारे लिए ठीक रहेगा। जब ये बात हम लोगों को पता चला तो सोचा कि लड़की का मामला है, गुस्से में लड़की के पिता ने धमकी दे दी होगी। हम लोगों ने नीरज को समझाया और कहा कि तुम लड़की से मतलब रखना छोड़ दो। अपने फ्यूचर के बारे में सोचो। बाहर पैसा कमाने चले जाओ, बाहर निकलोगे तो सब ठीक हो जाएगा। ‘आंचल फैलाकर कन्हैया से भीख मांगी, बेटे को लौटा दो’ ट्विंकल पांडेय ने बताया कि, 22 दिसंबर की दोपहर आदित्य घर के बाहर खेल रहा था। फरना गांव में यज्ञ का आयोजन किया गया था। मेले में झूला लगा हुआ था। खेलते-खेलते आदित्य मेले में चला गया था। लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा तो हमलोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद हमलोगों ने इसकी शिकायत बड़हरा थाने में की। पुलिस के साथ 22 दिसंबर को अपने मायके गई थी, लेकिन पुलिस ने कन्हैया से थोड़ा-बहुत पूछताछ करके उसे छोड़ दिया। फिर हम 23 दिसंबर को अपने मायके गई और कन्हैया से अंचल फैलाकर भीख मांगी थी कि मेरे बेटे को दे दो, हम किसी से कुछ नहीं बोलेंगे। मेरा बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ता था। पढ़ने में काफी तेज था। 10 दिन पहले ही स्कूल में 5 हजार रुपए फीस भरा था। आदित्य कहता था कि हम पढ़कर पुलिस अफसर बनूंगा और लोगों की सेवा करूंगा। आज उसके साथ ऐसी घटना घटी है। ये कहते हुए वो बेसुध थी। आदित्य के बड़े पापा ने कहा- निर्मम तरीके से मेरे भतीजे को मार डाला आदित्य के बड़े पापा हरे राम पांडे ने कहा कि, 22 दिसंबर को खेलने के बाद आदित्य यज्ञ देखने चला गया था। गायब होने के बाद पुलिस से लापता होने की सूचना दी। लेकिन पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। बच्चे की नृशंस तरीके से हत्या की गई है। बच्चे के मामा का एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी बात को लेकर लड़की के पिता ने घटना को अंजाम दिया है। आरोपी ने आज मामा का बदला बच्चे से लिया है। गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी SDPO–2 रंजीत कुमार ने बताया कि, गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लिखित में किसी को आरोपी नहीं बताया गया था। मौखिक रूप से आरोपी का नाम बताया गया था। बच्चे की लाश मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी कन्हैया को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


